पिछले तेइस साल से श्रद्धालुओं के लिए बंद श्रीकृष्ण जन्मस्थान की केशव वाटिका में जल्द ही भक्तों की चहल-पहल नजर आएगी। साढ़े तीन एकड़ भूमि में फैली इस वाटिका पर स्वामित्व तो जन्मस्थान का ही था लेकिन 1996 से फोर्स इसे अपने इस्तेमाल में ले रही है। फोर्स ने सुरक्षा के कारण गिनाते हुए श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दखल के बाद अब इस वाटिका को भक्तों के लिए खोलने का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को एसएसपी ने अफसरों के साथ इस वाटिका का निरीक्षण भी किया।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गोविंदनगर गेट के बायीं तरफ स्थित केशव वाटिका में 1996 से पहले श्रद्धालुओं का प्रवेश होता था। धार्मिक आयोजन भी खूब हुआ करते थे। जन्मस्थान पर दर्शनों को आने वाले भक्त यहां बैठकर भगवान का गुणगान करते थे। चारों तरफ पेड़ लगे थे, हरियाली थी लिहाजा लोगों को बड़ा भाता था यहां बैठना। लेकिन जब अयोध्या, मथुरा और काशी की सुरक्षा का मुद्दा उठा तो केशव वाटिका को फोर्स ने अपने कब्जे में ले लिया था।
हालांकि इस संबंध में न तो कोई आदेश था और न ही कोई सहमति लेकिन फोर्स ने इस वाटिका में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी थीं। पेड़ों का रखरखाव भी उनके द्वारा ही किया जा रहा था। लेकिन जब भाजपा की सरकार आई और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो जन्मस्थान संस्थान ने इस वाटिका को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की अपील शासन से शुरू कर दी। मुख्यमंत्री जब मथुरा आए तब जन्मस्थान के दर्शनों को भी पहुंचे थे। उस वक्त भी उनके सामने यह मुद्दा उठाया गया था।
उसके बाद भी कई दफा लखनऊ जाकर लोग मिले। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि केशव वाटिका पार्क का निरीक्षण किया गया है। शासन से इस पार्क को डवलप करने और श्रद्धालुओं के लिए खोलने की अनुमति दे दी है। एसपी सुरक्षा ज्ञानेंद्र कुमार ने भी इस पार्क में होने वाले कार्यों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिए हैं।