मांट विद्युत केंद्र पर बिजली की समस्या एसडीओ को बताते ग्रामीण।
मथुरा के मांट के गांव जाबरा में सोमवार रात 12.30 बजे 11 केवी लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। सड़क पर करीब 5 मिनट तक टूटे पड़े तार से स्पार्किंग भी होती रही। गांव के लोगों ने विद्युत केंद्र के एसएसओ को फोन करके जानकारी दी, लेकिन उसके बाद भी आपूर्ति बंद नहीं हुई। आखिरकार ग्रामीणों ने एकत्रित होकर 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने विद्युत केंद्र पर जाकर आपूर्ति बंद कराई। विद्युत निगम के अधिकारियों के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर एसडीओ और जेई को जमीन पर बिठाया और समस्या का समाधान कराने पर अड़ गए।
करीब 10 गांव के लोग तीन घंटे तक मांट विद्युत केंद्र पर अधिकारियों से वार्ता करते रहे। इसके बाद शाम 5 बजे विद्युत आपूर्ति शुरू हो सकी। ग्रामीणों का आरोप था कि जिम्मेदार अधिकारी कभी खुद फोन नहीं उठाते हैं। भाकियू सुनील के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह गावर ने कहा कि यदि किसानों को समय से विद्युत आपूर्ति नहीं मिली तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पानी को भी तरसे ग्रामीण
जाबरा गांव में 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूट जाने से यहां से होने वाली सप्लाई बंद हो गई और 40 गांव की आपूर्ति 17 घंटे तक ठप रही। ऐसे में इन गांवों के लोग गर्मी में परेशान रहे। यहां की निवासी पूनम चौधरी ने कहा कि बिजली नहीं आने से पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। विद्युत निगम के अधिकारियों की मनमानी कम नहीं हो रही है। नगला बरी के किशन सिंह ने कहा कि विद्युत निगम के अधिकारी एक तरफ समाधान कैंप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत केंद्र के एसएसओ रात में फोन नहीं उठाते हैं। यही नहीं रात में विद्युत निगम के अधिकारी फोन ही बंद कर लेते हैं।
प्रधान ग्राम पंचायत बकला विजय कुमार का कहना है कि विद्युत आपूर्ति 17 घंटे बाद शुरू हुई है। विद्युत निगम के अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। यहां पर जेई और एसडीओ तैनात हैं, लेकिन उसके बाद भी विद्युत व्यवस्था ध्वस्त है। मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि जाबरा में तार टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की जानकारी मिली। इसके संबंध में अधीनस्थों को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। शाम को आपूर्ति शुरू हो गई।