न्यायिक आयोग ने गृह विभाग से वह सारा रिकार्ड भी मांगा है जिसे प्रशासन ने समय-समय पर शासन को भेजा था। आयोग को दो माह के भीतर यह जांच पूरी करनी है। इसके चलते न्यायिक जांच आयोग की टीम जल्द मथुरा पहुंचेगी।
शासन ने जवाहर बाग हिंसा की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा को न्यायिक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मथुरा के सेवानिवृत्त जिला जज प्रमोद कुमार गोयल सचिव बने हैं।
बताया जा रहा है कि जल्द ही आयोग की टीम मथुरा पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू करेगी। सभी अफसरों के बयान होंगे। जो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे उनके भी बयान लिए जाने हैं। तत्कालीन अधिकारियों से भी बात की जानी है। किस तरह आपरेशन चलाया गया था और क्या चूक हुई, सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के बाद न्यायिक आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को देगा।
बताया जाता है कि जिस तरह से दावे किए जाते रहे हैं कि प्रशासन के स्तर से लगातार शासन को रिपोर्ट जाती रही है। हर रिपोर्ट में बताया गया था कि जवाहर बाग में कुछ उपद्रवी घुस आए हैं जो कभी भी हालात बिगाड़ सकते हैं।
आए दिन पुलिस पर हमला कर रहे हैं लिहाजा फोर्स उपलब्ध कराई जाए। इस सबका रिकार्ड गृह विभाग से मांगा गया है। वहीं एसपी सिटी को छोड़कर भागने के मामले में भी बयान लिए जाएंगे। कितने अधिकारी जवाहर बाग आपरेशन में गए थे उन सभी से बात की जानी है।