सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर सेवायत महंत राहुल कल्ला ने 101 किलो दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और यमुना जल द्वारा राधा रानी के श्री विग्रह का अभिषेक किया। मंदिर के सेवायत महंत राहुल कल्ला ने बताया पंचमुखी शंख से श्रीराधारानी का अभिषेक किया गया। हल्के पीले वस्त्र धारण कराए गए। (जो पंजाब में लुधियाना के कारीगरों द्वारा तैयार कराए गए थे) मंदिर में भक्तों द्वारा संकीर्तन व बधाई गायन हुआ।
चंहुओर श्रीराधारानी का अवतरण की खुशियां हैं। अपनी आराध्या के एक झलक पाने को श्रद्धालु आतुर दिखे। इस पल का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालु रात से ही भजन-कीर्तन कर रहे हैं। मंदिर, महल रंग बिरंगी रोशनी से जगमगा रहे थे। मानों एक बार फिर द्वापर काल आ गया हो। पूरे नगर में श्रीराधारानी के अवतरण दिवस राधाष्टमी की खुशियां मनाई जा रही हैं।