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Mathura News: नो-व्हीकल जोन में कैसे आई कार और ट्रक

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वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। मंदिर की सुरक्षा में करीब 250 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। बावजूद इसके नो व्हीकल जोन में भी कार पहुंच गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के आसपास के रास्तों पर यातायात को सुगम बनाने और पैदल चलने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए बड़े वहानों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। शहर के बाहरी हिस्सों में बैरिकेडिंग और पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां से केवल ई-रिक्शा या पैदल ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। जगह-जगह करीब 250 पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। नो व्हीकल जोन होने के बाद भी वाहन चालक प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन जगह-जगह तैनात पुलिसकर्मी इसकी अनदेखी कर रहे हैं। बुधवार को एक कार मंदिर के मुख्य मार्ग पर प्रवेश कर गई। इससे मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, अन्यथा संकरे मार्ग और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच वाहन के अनियंत्रित होने से बड़ी अनहोनी हो सकती थी। दिल्ली निवासी श्रद्धालु डिम्पी कक्कड़ का कहना है कि जब आम जनता को कोसों दूर रोक दिया जाता है, तो इस तरह वीआईपी या रसूखदार लोगों की गाड़ियों को नो-व्हीकल जोन में प्रवेश कैसे मिल जाती है।

इस घटना ने एंट्री पॉइंट और बैरियर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों का पालन केवल आम भक्तों से कराया जाता है, जबकि रसूखदार कहीं से भी प्रवेश कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में मंदिर के आसपास बेहतर भीड़ प्रबंधन और ढांचागत व्यवस्था विकसित करने के निर्देशों के बीच इस तरह की लापरवाही प्रशासन तैयारियों पर पानी फेरती नजर आ रही है। इस संबंध में सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने का कहना कि सीसीटीवी के माध्यम से कार सवारों की शिनाख्त की जा रही है। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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