वृंदावन। जशोदा मैया खोल किवड़िया, लाला आयौ गाय चरायै.... ठाकुर राधारमण लाल मंदिर में चल रहे ग्रीष्मकालीन निकुंज सेवा महोत्सव में उस समय सजीव हो उठी, जब ठाकुर राधारमण लाल ने भक्तों को सघन वृक्षावलियों से आच्छादित गायों के समूह में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
गोचारण झांकी में विराजे अपने आराध्य के दर्शन पाकर भक्तों का मन मयूर की तरह नाच उठा। गोचारण में विराजित ठाकुर राधारमण लाल झांकी को भक्त देर तक अपलक निहारते रहे। राग सेवा के अंतर्गत पं. मलय दास ने संकीर्तन मंडली के साथ विभिन्न सुमधुर भक्ति गीतों में गायन कर वातावरण रसमय कर दिया।
मंदिर सेवायत एवं आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि आज की झांकी में ठाकुरजी गोचारण करके नंदभवन में लौट रहे थे। गोचारण की आवनी की झांकी में विराजकर ठाकुर राधारमण लाल को देख सखी-मंजरी पुलकायमान हो रही थीं। मंदिर में आए सभी भक्तों का स्वागत आचार्य अभिनव गोस्वामी ने किया। शयन आरती आचार्य सुवर्ण गोस्वामी ने की।