जनधन योजना के तहत खोले गए जीरो बैलेंस खातों में अब लाखों की धनराशि जमा हो रही है। इनमें से 25,000 ऐसे खाते है जिन्होंने अभी तक केवाईसी (नो योर कस्टमर) फॉर्म ही नहीं भरा है। ऐसे खाते जांच के दायरे में आ सकते हैं।
जनधन योजना में उन गरीब लोगों के खाते खुलवाए गए थे जिनके पास उस समय प्रमाण के तौर पर जरूरी कागजात भी नहीं थे। योजना में करीब 61,000 खाते खोले गए थे। इनमें सरकारी बैंकों ने 58 हजार, ग्रामीण बैंकों ने 2800 और करीब 172 खाते निजी बैंकों ने खोले थे।
बैकिंग क्षेत्र के सूत्र बताते हैं कि इसमें से करीब 25,000 खाता धारकों ने अभी तक केवाईसी फार्म नहीं भरा है। चौंकाने वाली बात ये है कि इन खातों में लाखों की धनराशि जमा हो गई है। ऐसे में इन सभी 25,000 खातों का लेन-देन जांच के दायरे में आ सकता है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एके प्रसाद ने बताया कि खाते के लिए केवाईसी अनिवार्य है। जनधन योजना में खुले जिन खातों में ये प्रक्रिया पूरी नहीं हुई उसे खाताधारक तत्काल पूरी कराएं।
आर्यव्रत बैंक कर चुकी है कार्रवाई
जिन जनधन योजना खाताधारकों ने केवाईसी फार्म नहीं भरा है, उनमें से आठ खातों पर आर्यव्रत बैंक रोक लगा चुकी है। आरएम राजीव गुप्ता ने बताया कि ऐसे खातों में पचास हजार से कम धनराशि ही जमा की जा सकती है और अधिकतम दस हजार की धनराशि निकाली जा सकती है। इससे अधिक करने पर ऐसे खाते जांच के दायरे में आ जाते हैं।