हरे राम-हरे कृष्णा... संकीर्तन की धुन पर थिरकते श्रद्धालु और प्रभु का गुणगान करते चल रहे कृष्ण भक्त। इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने की शहर के लोगाें में होड़ मच गई। रथयात्रा के साथ चल रहे इस्कॉन के भक्त प्रचार-प्रसार सामग्री बांटते चल रहे थे।
शहर के केदारधाम मसानी से सोमवार को शुरू हुई जगन्नाथ रथयात्रा जैसे-जैसे आगे चली, उसके आगे कृष्णभक्त सड़क पर रंगोली बनाते चले। रंगोली में स्वागत शब्द भी लिखा गया। पूरे शहर में भगवान का रथ खींचने की होड़ मच गई। हर कोई रथ को खींचकर अपने धन्य समझ रहा था। रथयात्रा शहर के डीग गेट, दरेसी रोड, भरतपुर गेट, होली गेट, विकास बाजार, म्यूजिम, डैंपियर नगर होते हुए होटल हीराकुंज रेजीडेंसी पर पहुंची।
इससे पहले भगवान जगन्नाथ, बलदेव, देवी सुभद्रा और सुदर्शनजी केदारधाम स्थित दिव्य सिंहासन पर विराजे। रथ यात्रा का शुभारंभ इस्कॉन के अध्यक्ष पंचगौड़ा दास ने किया। यहां पर भक्त कीर्तन, छप्पनभोग, अर्पण और आरती हुई। रथयात्रा में राधाश्याम सुंदर दास, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, कलाकांत दास, राखल राजा, सुमित मित्तल, त्रिलोकीनाथ बंसल, प्रेमानंज कृष्णदास, अंकित बंसल आदि भक्त चल रहे थे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
नगर में रथयात्रा निकालने के बाद शाम को हीराकुंज रेजीडेंसी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें भगवान जगन्नाथ को 1100 दीपकों का दान किया। गुरुकुल वृंदावन के बच्चों ने भगवान शिव और श्रीकृष्ण पर आधारित नाटिका का प्रभावशाली मंचन किया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति जारी रही।