सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चेतन शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव से राष्ट्र का मार्गदर्शक रहा है, लेकिन वर्तमान समय में सामाजिक और राजनीतिक पटल पर उनकी उपेक्षा की जा रही है। ब्राह्मणों के साथ हो रहे भेदभाव और शोषण के खिलाफ अब संगठित होने का समय आ गया है।
यह विचार उन्होंने श्यामा श्याम धाम में स्थित राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन में व्यक्त किए। यहां देशभर से आए विप्रों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। ब्राह्मणों ने समाज के वर्तमान हालात और ब्राह्मणों के साथ हो रहे कथित शोषण पर विचार साझा किए। स्वामी कृष्णागिरी महाराज कि वर्तमान में अपनी परंपरा, गायत्री, गो पर ध्यान देने के साथ ब्राह्मण केवल शिखा और जनेऊ का सम्मान कर ले तो होने वाले पतन से बचा जा सकता है। चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ब्राह्मणों के हितों की अनदेखी बंद नहीं हुई तो समाज व्यापक आंदोलन की राह चुनने को विवश होगा।
भाजपा के मंडल अध्यक्ष विनीत शर्मा, भुवनेश गोस्वामी, बनवारी लाल गौड़, कन्हैया लाल अग्रवाल, सुखबीर शर्मा, कुलदीप शर्मा, विजय गौतम, मनोज पालीवाल के साथ अपर्णा शर्मा, शांभवी शर्मा, चांदनी गोदियाल को सम्मानित किया गया। समाज के पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए हर जिले में एक समन्वय समिति का गठन किये जाने का संकल्प लिया गया। इससे पहले सम्मेलन का शुभारंभ महानिर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत स्वामी कृष्णागिरी महाराज एवं आचार्य प्रथमेश लाल गोस्वामी ने स्वस्ति वाचन के साथ किया।
सम्मेलन में श्रीनिवास शर्मा, परमेश्वर प्रसाद कौशिक, ओमप्रकाश वशिष्ठ, ताराचंद शर्मा, सुरेश शुक्ला, ओमकार स्वरूप शर्मा, प्रेम प्रकाश शर्मा, सुरेश शर्मा, रामगोपाल शर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन ओमप्रकाश वशिष्ठ ने किया।