नंदगांव (मथुरा)। नंदभवन में जैसे ही राधारानी की सखियों का प्रवेश हुआ, पूरे महल में हल्ला मच गया। न्यौंतौ आय गयौ रे, न्यौंतौ आय गयौ रे। आगे-आगे ढोल और पीछे-पीछे सखियों का झुंड। एक सखी के सिर पर थी गुलाल की कमोरी। सखियों ने सीधे कान्हा के दर्शन किए। गुलाल की कमोरी पुजारी को भेंट की। पुजारी ने गुलाल श्रीकृष्ण-बलराम के चरणों में अर्पित किया। सखियों का बरसाना होली खेलने का संदेश सुनाया। यह सुन हुरियारे नाचने लगे।
प्रात: से ही कान्हा के सखाओं में होली का न्योता मिलने की खुशी साफ नजर आ रही थी। नंदभवन में सखियों को नचाने के लिए स्टेज सजाई गई। मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया। श्रीकृष्ण-बलराम को आकर्षक पोशाकें धारण कराई गईं। कुछ ऐसा था बृहस्पतिवार को नंदमहल का नजारा। एक तरफ मंच था, जहां से रसिया गाकर सखियों के साथ नृत्य करना था। नंदगांव के ग्वाल बरसाना से आने वाली सखियों के इंतजार में भोर से ही थे।
करीब एक घंटे देरी से सखियों ने नंदभवन में जैसे ही प्रवेश किया पूरे नंदमहल में उल्लास छा गया। सखियों को देखकर कान्हा के सखा सतर्क हो गए। सर्वप्रथम सखियों ने निमंत्रण रूपी कमोरी, जिसमें गुलाल, बीडा, मठरी, इत्र आदि था, को सेवायत को सौंपा। लठामार होली खेलने के निमंत्रण को सुनकर सखा उत्साहित हो उठे। उत्साहित हुरियारे सखियों को नृत्य के लिए मंच तक ले गए।
इस दौरान नंदबाबा मंदिर के सेवायतों ने सखियों का चुनरी पहनाकर स्वागत किया। स्वागत के बाद रसिया गायन और नृत्य का दौर चला। इस दौरान राधा की सखियों ने कृष्ण के सखाओं के साथ नृत्य किया। देश-विदेश के तमाम श्रद्धालु फाग आमंत्रण महोत्सव के अवसर पर मौजूद रहे। अंत में सखियों को राजभोग कराकर भेंट दे विदा किया गया।
गोरी आयो फागुन मास खेल तू रसिया ते होरी
फाग निमंत्रण उत्सव के दौरान होली रसियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केदार गोस्वामी ने किया। संगीताचार्य राधारमण गोस्वामी ने गोरी आयो फागुन मास खेल तू रसिया ते होरी, गाकर समा बांध दिया। इस दौरान मुकेश गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी आदि ने अपनी प्रस्तुति दे, श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
हुरियारे तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे
बृहस्पतिवार को बरसाना से लठामार होली का न्योता मिलने के बाद हुरियारे अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। शुक्रवार को बरसाना प्रस्थान से पूर्व गोस्वामीजनों द्वारा चौपाई निकाली जाएगी। नंदबाबा मंदिर से गोस्वामियों के पूर्वज बाबा आनंदघन की चौपाल तक चौपाई को ले जाएंगे। फिर यहां से वापस नंदगांव हमारौ खेरौ, बाबा नंद जशोदा मैया श्याम सखा संग मेरौ, का गान करते हुए सभी हुरियारे पुन: सिंहपौर पर पहुंचेंगे। अष्टमी की रात में समाज गायन के दौरान बरसाना से आए गुलाल को वितरित किया गया। ढालों को गोटा, सितारे आदि की सहायता से विभिन्न प्रकार से सजाया जा रहा है। बरसाना जाते समय संकेतवट मार्ग से प्रियाकुंड पहुंचेंगे। जहां बरसाना के लोग उनकी अगवानी भांग-ठंडाई और रंग-गुलाल आदि लगाकर करेंगे।