राधा की नगरी बरसाना से कन्हैया को लठामार होली खेलने का न्यौता आया तो नंदगांव के हुरियारे खुशी से झूम उठे। नंदभवन में नृत्य और रसिया गायन हुआ। सुबह से ही कान्हा और उनके सखाओं के चेहरे खिले हुए थे। वजह साफ थी वृषभानु की लली राधारानी ने होली खेलने का निमंत्रण भेजा है।
नंदभवन मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया। कृष्ण-बलराम को आकर्षक पोशाकें पहनाई गईं। सुबह 10 बजे सखियों का टोल नंदगांव के नंदभवन में पहुंचा। मंदिर परिसर में हल्ला मच गया कि बरसाना से न्यौता आ गया है। सखियों ने निमंत्रण रूपी कमोरी (मिट्टी की गुलाल से भरी मटकी), जिसमें गुलाल, बीड़ा, मठरी, इत्र आदि था, को सेवायत को सौंपा। सेवायत ने कमोरी को नंदबाबा और कन्हैया के चरणों में रख दिया।
इसके बाद पूरे नंदभवन में बरसाना से न्यौता आने की बात बताई गई। लठामार होली खेलने के निमंत्रण को सुन कर सखा उत्साहित हो उठे। उत्साहित हुरियारे सखियों को नृत्य के लिए मंच तक ले गए। इस दौरान नंदबाबा मंदिर के सेवायत रमेश चंद गोस्वामी ने सखियों का चुनरी पहनाकर स्वागत किया। स्वागत के बाद घंटों रसिया गायन और नृत्य का दौर चला। अंत में सखियों को राजभोग करा कर, भेंट देकर विदा किया गया।
राधारमण गोस्वामी ने गाया रसिया
फाग निमंत्रण उत्सव के दौरान होली रसिया का शुभारंभ संगीताचार्य राधारमण गोस्वामी ने राग काफी में ठुमरी गाकर किया। दिनेश गोस्वामी, केदार गोस्वामी ने भी मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं का ध्यान खींचा। अमृतसर से आईं साध्वी चंद्रकला ने भी प्रस्तुति दी।
होली की तैयारियों में जुटे हुरियारे
बरसाना से लठामार होली का न्यौता मिलने के बाद हुरियारे तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। बरसाना प्रस्थान से पूर्व गोस्वामीजनों की ओर से चौपाई निकाली जाएगी। नंदबाबा मंदिर से गोस्वामियों के पूर्वज बाबा आनंदघन जी की चौपाल तक चौपाई को लाया जाएगा। फिर यहां से वापस ‘नंदगांव हमारौ खेरौ, बाबा नंद जशोदा मैया श्याम सखा संग मेरौ...’ का गान करते हुए सभी हुरियारे पुन: सिंह पौर पर पहुंचेंगे।
अष्टमी की रात में समाज गायन के दौरान बरसाना से आए गुलाल को वितरित किया गया। लोकेश गोस्वामी ने बताया कि ढालों को गोटा, सितारे आदि से सजाया जा रहा है। कोई हुरियारा अपनी ढाल पर श्री राधे... लिख रहा है तो कोई खूब खेलो..., तो कोई दै भाभी प्रेम ते...। सोमवार को बरसाना जाते समय संकेतवट मार्ग से प्रियाकुंड पहुंचेंगे। जहां बरसाना के लोग उनकी अगवानी भांग ठंडाई और रंग, गुलाल आदि लगाकर करेंगे।