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यमुना खादर में बन गईं इंटरलॉकिंग सड़क और सीसी रोड

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खादर में बनी कॉलोनी में लगे विद्युत के पोल और बनी इंटरलॉकिंग सड़क। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। यमुना खादर की अवैध कॉलोनियों में विद्युत लाइन और स्कूल की मान्यताएं तक दे दी गईं। इसके साथ ही यहां इंटरलॉकिंग सड़क, सीसी रोड और सीवर लाइन तक बिछाई गईं हैं। इससे यह सवाल यह उठता है कि जब कॉलोनियां अवैध ढंग से बनीं हैं तो इसे किस आधार पर सुविधाएं दी गईं। भौतिक सत्यापन के दौरान जांच की गईं अथवा नहीं।
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मथुरा-वृंदावन नगर निगम के क्षेत्र में यमुना खादर का दायरा करीब 18 किलोमीटर लंबा है। यह क्षेत्र वृंदावन से शुरू होकर मथुरा, गोकुल बैराज, कोयला अलीपुर तक पहुंचता है। इसी दायरे में अवैध कालोनियों का जाल बिछा हुआ है, जहां यमुना की धारा से महज 10-15 मीटर की दूरी पर घर बनाकर हजारों लोग रह रहे हैं। सरकारी रिकार्ड में यह क्षेत्र निर्माण की दृष्टि से अवैध घोषित है। इसके बाद भी इसे वैधता का प्रमाण दे दिया गया है।
यहां विद्युत निगम ने बिजली की लाइनें तक बिछा दी हैं। निर्बाध आपूर्ति में बाधा न आए, इसके लिए छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं। डूडा ने तो यहां इंटरलॉकिंग सड़क बना दी हैं। इसमें विकास प्राधिकरण और नगर निगम का भी बड़ा योगदान रहा है। इतना ही नहीं, गणेशटीला के नीचे का क्षेत्र हो या फिर कांशीराम आवासीय योजना के निचले इलाके में जूनियर तक के कई स्कूलों को मान्यता दे दी गई हैं। वृंदावन में जल निगम ने खादर में ही सीवर लाइन तक बिछा दी है।
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खादर की कॉलोनियों में ये सुविधाएं...
-इंटरलॉकिंग सड़क और सीसी रोड, नाली-खड़ंजा
-कई निजी विद्यालयों को मिली है मान्यता
-बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत लाइन
-वृंदावन में सीवर लाइन बिछाई
जिम्मेदारो के बोल
खादर में निर्माण किसी एक सरकारी संस्था की ओर से नहीं रोका जा सकता है। इसके लिए प्राधिकरण के साथ अन्य विभागों को भी पहल करनी होगी। यह मुद्दा कई बार अहम बैठकों में भी उठा है, लेकिन स्थिति यथावत है। अनेक निर्माण बहुत पुराने भी हैं, जिन्हें देखकर अन्य लोगों ने भी घर बना लिए हैं। अब कॉलोनियां पूरी तरह से बस गई हैं।
ईश्वरचंद, सचिव, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण
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बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया है। उसे पूरा करने के बाद किसी भी व्यक्ति को कनेक्शन मिल सकता है। लाइन न होने की स्थिति में उसका पूरा खर्चा संबंधित उपभोक्ता या कॉलोनाइजर को उठाना होता है। बिजली मूलभूत सुविधा का हिस्सा है।
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विनोद कुमार गंगावार, अधीक्षण अभियंता देहात
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, मथुरा
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