फोटो-पी- 12 - रंगनाथ मंदिर में देव दीपावली के अवसर पर चांदी की सवारी में विराजमान भगवान गोदारंगमन्न?
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वृंदावन(मथुरा)। दक्षिण भारतीय शैली के रंगजी मंदिर में बृहस्पतिवार को कृतिका महोत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) नहीं मनाया जाता। पांच रात्र पंचांग के अनुसार इस बार 12 दिसंबर बृहस्पतिवार को कार्तिक पूर्णिमा यानी देव दीपावली मनाई गई है।
मंदिर परिसर में बृहस्पति शाम होते ही 11 हजार दीपों को जलाया गया। हालांकि मंदिर प्रबंधतंत्र ने 5100 दीपों के प्रज्वल्लन करने के इंतजाम किए थे, लेकिन भगवान रंगनाथ के भक्तों ने इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाते हुए दीपकों की संख्या 11 हजार से अधिक पहुंचा दी। इस दौरान मंदिर के निज गर्भगृह से भगवान रंगनाथ माता गोदा के साथ चांदी की पालकी में विराजमान होकर मंदिर प्रांगण स्थित पूर्वी द्वार पर पहुंचे।
यहां भगवान गोदा रंगमन्नार को सर्दी का अहसास होने पर आग जलाई गई। यहां भगवान कुछ देर विराजमान होने के बाद भगवान की सवारी दक्षिण भारतीय वाद्ययंत्रों की धुनों के मध्य मंदिर परिसर में भ्रमण को निकले और बारहद्वारी पहुंचे। यहां पहुंचकर मंदिर के सेवायतों ने उनकी आरती की। इस अवसर पर मंदिर की सीईओ अनघा श्री निवासन, रम्या रंगाचार्य, माल्दा गोवर्धन , रघुनाथ स्वामी , रंगा स्वामी, राजू स्वामी, साधना कुलश्रेष्ठ , प्रतिभा शर्मा , अनिता गुप्ता , शुभम , पंकज शर्मा आदि उपस्थित रहे।
फोटो-पी- 11 - वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में देव दीपावली पर सजी दीपमाला।- फोटो : VRINDAVAN