मथुरा। सैनिक जब मौत का कफन बांधकर मातृभूमि की रक्षा के लिए निकलता है, फिर वह अंजाम की परवाह नहीं करता। अपनी जान पर खेल कर अमर हो जाता है। उक्त विचार संस्कार भारती महानगर द्वारा ब्रज कला केंद्र के प्रेक्षागृह में आयोजित किए शहीदों के परिवारों का सार्वजनिक अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा जो राष्ट्र हित की सोच रखते हैं, वह उनके साथ हैं। पुलवामा में शहीद हुए 40 सैनिकों के बदले पाकिस्तान को भारतीय सैनिकों की सर्जिकल स्ट्राइक झेलनी पड़ी। इसमें उसके 500 से भी अधिक आतंकी मारे गए। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला था। विशिष्ट अतिथि संस्कार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बांकेलाल गौड़ ने कहा कि सरहदों के प्रहरी वतन के लिए जीते-मरते हैं।
उनके बलिदानों के प्रति नतमस्तक होने से ही हम देशवासियों का गौरव बढ़ता है। रामेंद्र मोहन त्रिपाठी व डॉ. रमाशंकर पांडे ने भी विचार व्यक्त किए। संस्कार भारती के राष्ट्रीय संरक्षक पद्मश्री योगेंद्र ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान शहीदों के परिजन सम्मानित किए गए।