वृंदावन। रमणरेती क्षेत्र स्थित वन विहार आश्रम की सेविका स्वाति शुक्ला ने आईजी के आदेश पर उनके खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन घटना दर्शा कर मुकदमा दर्ज कराया गया है, उस दिन वह मुंबई थीं। उन्होंने एडीजी से जांच कराकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आश्रम की सेविका ने बताया कि वन विहार आश्रम पर 13 अक्तूबर की रात को झगड़ा और फायरिंग हुई थी। इस मामले में आश्रम निवासी रामनिवास शिष्य ललिताशरण ने कोतवाली में अरुण शर्मा, श्याम वशिष्ठ, ब्रज शर्मा, नीरज शर्मा, मनीष गौतम और राघव पाराशर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी।
घटना के करीब तीन माह बाद क्रॉस केस कराने और आश्रम के संतों पर दबाव बनाने के लिए 24 जनवरी को पुराना बजाजा स्थित पड़ौना वाली कुंज निवासी सर्वेश शर्मा ने आईजी के आदेश पर कोतवाली में आश्रम की सेविका स्वाति शुक्ला व अन्य को नामजद किया। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से नीरज शर्मा ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र देकर पीड़ित अधिवक्ता का सहयोग करने और नामजद अभियुक्त के विरुद्ध कार्रवाई कराए जाने की मांग की। कोतवाली प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।