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Mathura News: 20 साल में सिर्फ एक पूर्व विधायक ने किया रोडवेज बस में सफर

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मथुरा। रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ीं बसें। - फोटो : mathura
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सुनील कुमार
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मथुरा। बेशक रोडवेज की बसों की हालत पहले से बहुत सुधर गई है, लेकिन इसके बावजूद रोडवेज बसों में आम जनता के साथ सफर करना जनप्रतिनिधि अपनी तौहीन ही समझते हैं। यही कारण है कि आगरा परिक्षेत्र के मथुरा में पिछले 20 साल से किसी विधायक या सांसद ने रोडवेज बस में सफर नहीं किया। महज एक पूर्व विधायक ने ही मथुरा से दिल्ली तक का सफर किया है।
रोडवेज की हर बस में सांसद और विधायकों के लिए तीन सीटें आरक्षित रहती हैं। उद्देश्य यह था कि जब चाहें माननीय जनता के साथ यात्रा कर सकें, लेकिन हकीकत यह है कि अच्छा-खासा टीए और डीए मिलने के बाद नेताओं का रुझान हमेशा स्पेशल ट्रेनों और हवाई सफर करने का रहा। इसके अलावा एक्सप्रेस वे बनने के बाद अपनी लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ दिल्ली और लखनऊ का सफर करना आसान लगता है। संवाद
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माननीय की सीट पर बैठकर लेते हैं चुटकियां
बसों में विधायक और सांसदों के लिए आरक्षित की सीटों पर आम यात्री ही सफर करते हैं। कई दफा यात्री मज़ाकिया लहजे में कहते हुए सुने जा सकते हैं कि ‘हम विधायक नहीं हैं तो क्या हुआ, उनकी सीट पर बैठकर ही विधायक बन जाते हैं।’
यह भी है एक कारण
चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री रहे सरदार सिंह कहते हैं कि रोडवेज बसों में यात्रा नहीं करने की वजह उसकी जर्जर हालात और जगह-जगह रुकना है। समय पर नहीं पहुंचाना। समस्या है। कहीं भी बस को खड़ा कर लिया जाता है। इसलिए मैंने कभी भी रोडवेज की बस में बैठकर यात्रा नहीं की। मैं ट्रेन में बैठकर समय पर लखनऊ या दिल्ली पहुंच जाता था।
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वर्जन
वर्तमान में मथुरा डिपो में 190 रोडवेज की बसें हैं। इनमें 80 प्रतिशत बसें नई हैं। इसके अलावा 6 वातानुकूलित बसें हैं जो दिल्ली, हरिद्वार, नोयडा ऋषिकेश आदि के लिए संचालित हैं। करीब 4 महीने पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने मथुरा से दिल्ली तक का सफर किया है।
मदन मोहन शर्मा, एआरएम
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