मथुरा। पूरा शहर अवैध होर्डिंग्स से पटा पड़ा है। इससे शहर की सुंदरता तो बिगड़ ही रही है, नगर निगम को हर साल लाखों रुपये का चूना भी लग रहा है। प्रत्येक तिराहे और चौराहे पर अवैध होर्डिंग्स विद्युत पोलों पर लगाए गए हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर निगम ने मथुरा-वृंदावन में होर्डिंग, पोस्टर व बैनर लगाने के लिए स्थान चिन्हित किए हैं। इन स्थानों पर प्रचार के इच्छुक होर्डिंग आदि लगाने पर नगर निगम बाकायदा इनसे शुल्क वसूलता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ चौराहों को छोड़कर सैकड़ों स्थानों पर इसे बिना शुल्क ही लगाया जा रहा है। ऐसे में न केवल विभाग को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, बल्कि शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है। शहर के एसबीआई चौराहा, जंक्शन रोड और होलीगेट चौराहे के साथ-साथ सार्वजनिक स्थल समेत सरकारी भवन, फ्लाईओवर को भी होर्डिंग का अड्डा बना दिया है। बिजली के खंभों पर भी ऐसी ही स्थिति है। किराए के लिए बाइक व स्कूटर और नौकरी देने के पोस्टर एक-एक पोल पर चार-चार लगा दिए हैं। ऐसे में शहर का सौंदर्यीकरण करना तो दूर की बात, जो है उसे भी बदसूरत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार का कहना कि अगर ऐसा है तो टीम लगाकर अवैध होर्डिंगों को हटाया जाएगा। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठानों व लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी आंकड़ों से हकीकत उलट
अधिकारियों के अनुसार, नगर निगम ने शहर में होर्डिंग व बैनर लगाने की जिम्मेदारी छह से अधिक ठेकेदारों को दी है। प्रत्येक ठेकेदार को कम से कम 15 और अधिकतम 20 होर्डिंग लगाने का टेंडर दिया जाता है। ये निर्धारित समय तक ही होर्डिंग व बैनर लगा सकते हैं। हालांकि जमीनी हकीकत आंकड़ों से उलट है। प्रत्येक चौराहे पर दर्जनों होर्डिंग व पोस्टर लगे मिलेंगे।