मथुरा। मथुरा-वृंदावन में जर्जर कांशीराम आवास खाली करने के लिए नगर निगम का नोटिस मिलने के बाद शुरू हुए विरोध के बीच रविवार को आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने भवनों की जांच पड़ताल की और सैंपल लिए। अब रिपोर्ट के बाद नगर निगम आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
वृंदावन के पानीगांव संपर्क मार्ग एवं टाउनशिप पर साल 2007 में कांशीराम आवास बनाए गए थे। निर्माण के चार साल बाद भवनों को आवंटित किया गया। इसके बाद से यहां पर लोग रह हैं। बीते दिनों दिल्ली में जर्जर पीजी धराशायी होने की घटना के बाद नगर निगम ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते वृंदावन में कांशीराम आवासीय काॅलोनी के 736 भवनों पर नोटिस चस्पा किए थे। इसके बाद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था। अधिकारियों ने कहा था कि आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद आगे की दिशा तय होगी। इससे पहले वृंदावन के कांशीराम आवासों की तत्कालीन नगर आयुक्त जग प्रवेश ने जुलाई में निर्माण विभाग से जांच कराई थी, जिसमें ये पूरी तरह कंडम पाए गए थे। उस समय भी आईआईटी रुड़की से जांच कराने के लिए कहा गया था। रविवार को प्रोफेसर सोनालिशा के नेतृत्व में आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम मथुरा व वृंदावन में स्थित आवासों की जांच की। इसके बाद सैंपल लेकर चले गए। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया है कि विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की दिशा तय होगी। साथ ही मरम्मत कार्य के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।