वसंत पंचमी से ब्रज की परंपरागत होली का भी शुभारंभ हो गया। जन जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज भी होली खेलने को तैयार हो गए। शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी महाराज ने अपने भक्तों के साथ गुलाल की होली खेली। शृंगार आरती दर्शनों के बाद भक्तों की भीड़ अपने आराध्य संग होली खेलने के लिए उमड़ पड़ी।
शनिवार को बांकेबिहारी मंदिर में अबीर गुलाल के ऐसे बादल से छाए कि परिसर में इंद्रधनुषी छटा बिखर गई। मंदिर की यह अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी। मंदिर परिसर बांकेबिहारीलाल के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।
वसंत पंचमी के पर्व पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में उड़ते गुलाल ने ब्रज की परंपरागत होली के शुभारंभ होने का अहसास करा दिया।
मंदिर सेवायत सुगंधित अबीर गुलाल श्रद्धालुओं पर उड़ा रहे थे। श्रद्धालुओं में अपने आराध्य के दर्शनों से भी ज्यादा उनका प्रसादी अबीर गुलाल अपने ऊपर डलवाने की लालसा नजर आ रही थी। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु होली की मस्ती में सराबोर होकर अपने को धन्य मान रहे थे।
सेवायत प्रणब गोस्वामी, आशीष गोस्वामी ने बताया कि ब्रज की परंपरागत होली की शुरुआत वसंत पंचमी से होती है और रंगभरनी एकादशी आते ही होली का रंग चरम पर होती है।
इन मंदिराें में भी होली का हुआ शुभारंभ
ब्रज में होली का डाढ़ा वसंत पंचमी से ही गढ़ जाता है और धर्म नगरी के राधाबल्लभ मंदिर, आनंद बल्लभ गोस्वामी, राधा दामोदर, सेवाकुंज मंदिर, यशोदानंदन मंदिर आदि में फागुन का उत्सव शुरू हो गया।
श्रद्धालुओं ने जमकर लिया आनंद
वृंदावन। वसंत पंचमी से ब्रज वृंदावन की होली का आनंद लेने के लिए देश देशांतर के हजारों भक्त भी शामिल हुए। जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज ने भी होली का फैंटा बांधकर अपने भक्तों के साथ जमकर होली खेली।
इस होली का बाहर से आए श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी का प्रसादी गुलाल और रंग लगाकर एक दूसरे के गले मिले। पंजाब के होशियारपुर से आए रश्मि, ऋषभ, अनामिका और कीर्ति ने कहा कि यहां आकर आनंद की अनुभूति हो रही है।