विश्वविख्यात ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर परिसर की जमीन खोखली होने से फर्श पर दरारें आ गई हैं। शुक्रवार रात मंदिर प्रबंधन ने मंदिर चौक से लेकर गेट नंबर पांच के समीप पड़ताल कराई। एक पत्थर को फर्श से हटाने पर वहां कई फुट गहरा गड्ढा मिला। इस पर मम्मत का कार्य शुरू करा दिया है। वहीं मंदिर के एक सेवायत ने इस गड्ढे को खजाने तक का गुप्त रास्ता बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
मंदिर प्रबंध कमेटी के उपाध्यक्ष रजत गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में तीन साल पहले लगी रेलिंग के कारण गड्ढे किए गए थे। रेलिंग हटाने के बाद गड्ढों को सही तरीके से भरा नहीं गया। इस कारण फर्श में पानी भरने से पत्थरों को नुकसान हुआ है। प्रबंधन ने पहले मरम्मत कार्य शुरू कराया था लेकिन विरोध के कारण कार्य रुक गया।
इधर, बांके बिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार की रात मंदिर बंद होने के बाद प्रबंधन ने मंदिर के गेट नंबर पांच के पास फर्श के एक पत्थर को मशीन से कटवाया। यहां कई फुट गहरा गड्ढा होने की जानकारी पर कई सेवायत पहुंच गए।
सेवायतों के पहुंचने पर प्रबंधन के लोग यह कहते हुए चल दिए कि फर्श में पत्थर धंसने की संभावना है। प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी के अनुसार सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर में कई गुप्त रास्ते हैं। जो मंदिर के खजाने तक भी जाते हैं। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।