बरसाना। प्रेम सरोवर के समीप गाजीपुर संकेत मध्य क्षेत्र के विशाल मैदान में सोमवार को संतों के सानिध्य में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले ही दिन पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। हर-हर महादेव के जयकारों के बीच संतों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
कथा में पूज्य श्री श्री 108 विनोद दास बाबा महाराज, श्री कार्ष्णी नागेंद्र जी महाराज, श्री रामविलास चतुर्वेदी जी, श्री माधवदास जी महाराज मौनी बाबा, श्री कृष्णानंद जी महाराज और पूज्य राज बाबा महाराज का सानिध्य रहा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने बरसाना को प्रेम और भक्ति की पवित्र भूमि बताते हुए भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव में आस्था के साथ कर्म और प्रयास भी जरूरी हैं। पितृ पक्ष में पूर्वजों की स्मृति में सेवा, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करने का संदेश दिया।
साथ ही अरावन देवता के प्रसंग के जरिए किन्नर समाज की धार्मिक आस्था और परंपराओं का उल्लेख किया। कथा के दौरान ईशा-गौर की मनोहारी झांकी सजाई गई। इसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। पंडाल में जगह कम पड़ने पर आसपास भी लोग कथा सुनते नजर आए। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आयोजन समिति ने आगामी दिनों में अतिरिक्त पंडाल और बैठने की व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है।