मांट (मथुरा)। यमुना एक्सप्रेस-वे पर सोमवार को हुई लूट की घटना पहली नहीं है। पूर्व में भी कई बार बदमाश घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने उन घटनाओं के बाद भी सबक नहीं लिया है। घटनाओं के खुलासे के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नहीं किए गये। पुलिस के पास सुरक्षा के नाम पर केवल गश्त है।
एक्सप्रेस-वे पर पर हर वर्ष दर्जनों लूट की घटनाएं होती हैं। पिछले दिनों सुरीर और नौहझील क्षेत्र में पत्थर बाज गिरोह द्वारा कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। पत्थरबाजी कर लूट की पहली घटना वर्ष 2023 के 29 मई को सुरीर थाना क्षेत्र में हुई थी। इसमें दिल्ली के इंजीनियर एवं उनकी पत्नी से लूट की गई। इस घटना को पुलिस ने हल्के में लिया। इसके बाद 31 मई को सुरीर क्षेत्र में ही पत्थरबाजों ने एक कार पर पत्थरबाजी कर दी।
घटना में बदमाश कार सवारों को लूटने में असफल रहे। जिले के थाना नौहझील, राया, सुरीर, मांट, बलदेव, जमुनापार, महावन से होकर गुजर रहे एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं। पुलिस का दावा है कि चार पीआरवी, एक्सप्रेस वे की तीन पेट्रोलिंग गश्त और दो चेतक बाइक सुरक्षा में लगी हैं।
ये घटनाएं भी हुईं
-वर्ष 2021-अप्रैल में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बदमाशों ने डबल डेकर बस को अपना शिकार बनाया था। आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने बस को कब्जे में लेकर यात्रियों के साथ लूटपाट की और फरार हो गए।
- वर्ष 2019-सितंबर में मांट क्षेत्र में जाबरा टोल को पार करते ही माइलस्टोन 103 के समीप बदमाशों ने कैब चालक अखिलेश कुमार निवासी बुलंदशहर को चलती कार से नीचे फेंक कर कार लूट ले गए थे।