राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा यमुना किनारे मलबा डालने और कचरा जलाने पर रोक लगाने के आदेशों के बाद भी यमुना किनारे घरेलू मलबा डाला जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने का प्रयास भी नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ता मधुमंगल शुक्ला की अर्जी पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए वृंदावन नगर पालिका और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को कचरा जलाने, यमुना किनारे एवं घाटों के आसपास मलबा डालने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
जिला प्रशासन के द्वारा एनजीटी के आदेशों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यमुना किनारे बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक अवधेश यादव ने कहते हैं कि यमुना किनारे कचरा और मलबा डालने वाले 18 और नगर में गदंगी फैलाने वाले 29 लोगों का चालान किया गया है।