गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से जुड़े किसानों के मुआवजे को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में तीन प्रमुख सचिव सहित डीएम की पेशी होगी। इसके लिए सोमवार को प्रशासनिक अफसर इलाहाबाद में जवाब तैयार करने में जुटे रहे।
गोकुल बैराज से जुड़े किसानों की याचिका पर मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसके लिए मथुरा से एसएलओ रामसेवक द्विवेदी सोमवार को ही इलाहाबाद पहुंच गए। इनके साथ कोर्ट में प्रमुख सचिव नगर विकास, प्रमुख सचिव वित्त और प्रमुख सचिव सिंचाई सहित डीएम मथुरा राजेश कुमार को भी हाजिर होना है।
गौरतलब रहे कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान 29 सितंबर तक मुआवजा वितरण के आदेश दिए थे। साथ ही 29 सितंबर को होने वाली सुनवाई में आदेश अनुपालन पर जवाब दाखिल करने को कहा था। इस सुनवाई में कोर्ट मुआवजा न मिलने की स्थिति में किसानों के लिए 10000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मुआवजा का आदेश दे सकती है। इसके संकेत भी कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान दिए थे।
गोकुल बैराज से जुड़े किसानों के मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट का सख्त रुख देख 190 करोड़ रुपये जारी करने की स्वीकृति शासन ने दे दी है। हालांकि जिला प्रशासन अब तक 160 किसानों को मुआवजा दे चुका है। यह मुआवजा पूर्व से मौजूद 92 करोड़ और हाल ही में मिले 6.92 करोड़ से वितरित किया गया है। अब यही रिपोर्ट कोर्ट के समझ अफसरों को रखनी है। इधर किसान भी गांव रावल और ईशापुर में पैदा हुई स्थितियों की जानकारी कोर्ट को देने की कोशिश करेंगे।
किसानों का धरना जारी
गोकुल बैराज से प्रभावित किसानों का तीन गांवों में मुआवजे को लेकर धरना जारी है। इसमें रावल में तहसीलदार की रिपोर्ट से उत्पन्न स्थिति को लेकर किसान आक्रोशित हैं तो ईशापुर में सर्वे न होने पर धरना दिया जा रहा है। सोमवार को रावल पहुंचे गोवर्धन के विधायक राजकुमार रावत ने यहां के किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजे से वंचित करने की यह कोशिश तहसीलदार के स्तर से की गई है। रावल के किसान भी इस स्थिति के लिए तहसीलदार महावन को जिम्मेदार बताते हुए गंभीर आरोप लगा रहे हैं।