तमाम जद्दोजहद के बाद आखिरकार बुधवार की देर शाम चार और किसान बंदियों को जेल से रिहाई मिल गई। इसमें भाजयुमो के प्रदेश महासचिव कुंवर सिंह निषाद भी शामिल हैं। 11 किसान बंदियों में से 7 को पिछले सप्ताह ही जेल से रिहा किया जा चुका है।
चारों किसानों की रिहाई होते ही सैकड़ों किसानों ने आंदोलनकारियों का स्वागत किया। रिहाई के बाद अब आंदोलन की नए सिरे से रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार को बैठक आहूत की गई है।
दो माह से ज्यादा वक्त जेल में बिताने के बाद सभी किसान बंदी अब रिहा हो गए हैं। बुधवार को रिहा किसानों में कुंवर सिंह निषाद, लक्ष्मन बाबा, प्रवीन चौधरी और मनोज शामिल थे। बता दें कि तीन जनवरी को हवालात में हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने इन किसानों पर नया केस दर्ज कर दिया था, जिससे इनकी रिहाई टल गई थी।
गत दिवस कोर्ट ने नए मामले में भी इनकी जमानत स्वीकार कर ली, जिस पर बुधवार को रिहाई हुई है। इसके पहले रोहन सिंह, किशोर, रामरतन, भोपाल दास, हेमंत, चंकी चौधरी, विनोद को जेल से पूर्व में ही रिहा किया जा चुका है।
रिहाई के बाद कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि मुआवजे के लिए किसानों का आंदोलन बरकरार रहेगा। शुक्रवार को इस संदर्भ में किसानों की बैठक बुलाई गई है। इसमें आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी।