मथुरा। बलदेव के गांव जादौपुर में मंगलवार को धान की रोपाई करते किसान।
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मथुरा। बारिश शुरू होने के बाद से क्षेत्र में धान की रोपाई ने गति पकड़ ली है। बारिश के पानी से भरे खेतों में किसान धान की पौध लगा रहे हैं। ऐसे में जहां कृषि विभाग की ओर से उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की ली गई है। दूसरी ओर किसानों ने फसल को समय पर लगाने के लिए कमर कस ली है। कृषि विभाग के विशेषज्ञ भी रोपाई का सही समय होने की बात कह रहे हैं।
जिले में इस बार 1.03 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई की जा रही है। पिछले एक सप्ताह से हुई अच्छी बारिश के कारण धान की तैयारी नर्सरी के पौधों को रोपने के लिए श्रमिकों व परिवार के साथ किसान जुट गए हैं। इस बार की अगैती मानसून की बारिश ने लघु एवं सीमांत किसानों को काफी राहत दी।
बलदेव के गांव जादौपुर, गढ़सौली, बरौली, धनैता, पचावर, नगला लोका, दघेंटा सहित आसपास के गांवों में अधिकतर किसान धान की उत्पादन करते हैं। किसान पंचम सिंह, प्रहलाद सिंह, ओंकार सिंह, महेश प्रधान ने बताया कि चार दिन से हो रही बारिश से मौसम को नम बना दिया। एक ओर तापमान में गिरावट से लोगों को धूप व उमस से राहत मिली तो वहीं धान की रोपाई का काम ने भी रफ्तार पकड़ लिया है।
किसान रामवीर सिंह तोमर ने बताया कि धान की रोपाई चल रही है, लेकिन किसानों को समितियों पर उर्वरक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि किसान धान की रोपाई करने के लिए पूरे लगन के साथ लगे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों का मानना है कि रोपाई जितनी जल्दी होगी फसल उतनी अच्छी होगी। कृषि ज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र राजपूत ने बताया कि धान की रोपाई का उचित समय चल रहा है, ऐसे में किसानों को शीघ्र ही रोपाई का कार्य पूरा कर लेना चाहिए।