सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे किसानों से मिलने पहुंचे एसडीएम छाता को बैरंग लौटना पड़ा है। आंदोलन कर रहे किसानों ने उनकी बात नहीं मानी। किसानों का कहना है कि जब तक प्रशासन उन्हें लिखित आश्वासन नहीं देगा तब तक धरना खत्म नहीं होगा।
सात दिन से शहीद भगत सिंह क्रांति दल के बैनर तले क्षेत्र के किसानों की समस्या को लेकर भूख हड़ताल कर रहे किसान पदम फौजी और बाबा किशोरीशरण नागा से बात करने के लिए एसडीएम छाता सुरेंद्र सिंह पहुंचे थे, लेकिन किसानों की मांग पूरी न होने की वजह से आंदोलनकारियों ने आंदोलन खत्म करने से इंकार कर दिया।
विदित हो कि कस्बा के चतुर्भुजी आश्रम में बंद पड़ी शुगर मिल को चालू कराने के लिए, किसानों को उचित मुआवजा, कर माफ करने के लिए और नंदगांव रजबहा का पानी टेल तक पहुंचाने के लिए सात दिन से भूख हड़ताल जारी है। धरना में कांग्रेसी नेता कुंवर नरेंद्र सिंह, कामरेड शिवदत्त चतुर्वेदी ने भी समर्थन दिया। इस मौके पर किसान पोहप सिंह लंबरदार, मूलचंद छोंकर, कैलाशी गौड़, बलवीर परमार, हुकम सिंह आदि मौजूद थे।
महापंचायत आज
किसानों की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे किसानों के आंदोलन में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके लिए आज महापंचायत होने जा रही है।