बेटी के जन्म पर वृंदावन के परिवार ने अनोखी मिसाल पेश की। मोहल्ले में रेड कार्पेट बिछाया। रास्ते भर पुष्प वर्षा कराई। बाजार सजाया। ढोल नगाड़े और बैंडबाजों के बीच मोहल्ला में मिठाई बांटी।
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में आकाश वार्ष्णेय ने दूसरी बेटी के जन्म पर खुशी मनाकर अनोखी मिसाल पेश की। पिता अपनी नन्ही परी को अस्पताल से किराए पर नो करोड़ कीमत रॉल्स रॉयस कार लेकर घर लाया। बाजार और घर को दुल्हन की तरह सजाया। परिजन मिठाई बांटी। ढोल नगाड़े और बैंडबाजों पर जमकर नाचे। दूसरी के बेटी के जन्म की खुशी के जश्न की वृंदावन में चर्चाएं हैं।
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राया गली निवासी आकाश वार्ष्णेय की पत्नी वंदना ने अटल्ला चुंगी चौराहा स्थित एक अस्पताल में दूसरी नन्हीं परी को जन्म दिया। आकाश के पास एक छह साल की बेटी मन्नत भी है। अस्पताल में जैसे ही बेटी ने जन्म लिया परिवार खुशी से झूम उठा। उसके जन्म का उत्सव और उसे घर पूरे ठाठबाट से ले जाने के इंतजाम होने लगे।
डॉक्टर ने अस्पताल से नन्हीं परी और उसकी मां वंदना को छुट्टी दी। उसे घर ले जाने के लिए नो करोड़ कीमत की दिल्ली से रॉल्स रॉयस कार 51 हजार रुपए के किराए पर मंगाई। अस्पताल से घर नन्हीं परी को फूलों से सजी कार से ले जाया गया। कार के साथ मथुरा से लाए गए बैंडबाजे, ढोल और डीजे पार्टी चल रही थी। परिजनों के साथ-साथ मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार रास्तेभर नाचते हुए चले।
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चुंगी चौराहा से अनाजमंडी, कैला मंदिर के सामने राया गली तक किरन से सजाया गया। मुख्य मार्ग से घर तक रेड कारपेट बिछाई गई। घर को झालरों और किरन से सजाया गया। रायावाली गली से बाजार तक नन्हीं परी के जन्म की खुशी में गजब का उल्लास छाया। बेटी के पिता आकाश वार्ष्णेय और उनके पिता पवन वार्ष्णेय ने जमकर मिठाई बांटी। आकाश की चुंगी चौराहा पर मोबाइल की दुकान है।
बेटी के पिता आकाश ने बताया कि वह और उनका परिवार बेटी और बेटों में कोई फर्क नहीं समझता। यही संदेश हम समाज को देना चाहते हैं। उनकी छह साल मन्नत है और अब और बेटी ने जन्म लिया है। अक्सर देखने मे आता है कि बेटी के जन्म पर लोग मायूस हो जाते हैं। यह धारणा अच्छी नहीं इसे बदलने की जरुरत है। मां वंदना ने बताया कि बेटा एक कुल को आगे ले जाता है, जबकि बेटी दो कुलों का मान बढ़ाती है। इसलिए बेटी भी बेटे से कम नहीं।