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Mathura News: हद से ज्यादा ख्याल भी बन सकता है जी का जंजाल

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मथुरा। बच्चों का हद से ज्यादा ख्याल रखना भी अभिभावक और बच्चों के लिए जी का जंजाल बन सकता है। ओवरप्रोटेक्टिव पेरेंटिंग बीमारी इन दिनों अधिक देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल के मनकक्ष में हर महीने इस तरह के 50 से 60 मामले आ रहे हैं।
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ओवरप्रोटेक्टिव पेरेंटिंग, मनोविज्ञान में यह नाम बच्चों का हद से ज्यादा ख्याल रखने वाले माता-पिता की उस प्रवृत्ति को दिया गया है जो बच्चों को समझदार होने देती है न आत्मनिर्भर। उल्टे उन्हें बेपरवाह बना देती है जिसकी वजह से बड़े होने के साथ उनकी दिक्कतें भी बढ़ती जाती हैं। अपने काम खुद न कर पाने की वजह से वे लगातार आहत भी होते रहते हैं।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार एकल परिवारों में यह समस्या लगातार बढ़ रही है। इन परिवारों में बच्चों की इच्छाएं पूरी करने में माता-पिता अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं। उनके छोटे-छोटे काम भी खुद ही संभालते रहते हैं। बच्चों का इतना ज्यादा ख्याल रखते हैं कि उनके आत्मविश्वास में कमी आने लगती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को अभिभावकों के सुपुर्द करते रहते हैं, जिसकी वजह से उनमें खुद अपने फैसले करने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती। ओवरप्रोटेक्टिव पेरेंटिंग के दुष्प्रभाव बच्चों के किशोरावस्था में पहुंचने या उसे पार करते समय सामने आने शुरू होते हैं।


बच्चे सुधर जाते हैं, अभिभावक नहीं
जिला अस्पताल में मनकक्ष प्रभारी मनोवैज्ञानिक डॉ. नीतू के अनुसार ओवरप्रोटेक्टिव पेरेंटिंग के मामलों में बच्चे के साथ उसके अभिभावकों की काउंसलिंग की जा रही है। बच्चे को बचपन से ही फैसले लेने का अधिकार न देने या गलती करने पर विरोध न जताना अभिभावकों की ऐसी प्रवृत्ति है जो बच्चों का ही नुकसान करती है।

उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ अभिभावकों की काउंसलिंग कर उनकी इस प्रवृत्ति में सुधार लाने की कोशिश की जाती है।

चुनौतियों का नहीं कर पाते सामना
ऐसे कुछ मामलों में जब बच्चे अचानक आवेश में आकर अपनी जिंदगी तक खत्म करने की कोशिश करते हैं तो उनके पीछे भी आत्मविश्वास की कमी कई बार कारण होती है। आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार बच्चों में चुनौतियों का सामना न कर पाने के कारण ही आते हैं। उनका कहना है कि ऐसे हादसों में कारणों की जांच नहीं होती, अगर हो तो ओवरप्रोटेक्टिव पेरेंटिंग ही कारण के तौर पर सामने आएंगी।
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