उद्यान विभाग के कर्मचारी के साथ मारपीट करने के मामले में जवाहरबाग के आठ कब्जाधारियों को जमानत मिल गई है। 16 मार्च, 2014 को यह मामला सदर बाजार थाने में दर्ज कराया गया था।
रामवृक्ष यादव ने मार्च, 2014 में जवाहरबाग पर कब्जा कर लिया था। कब्जाधारियों पर समय-समय पर मुकदमे भी दर्ज होते रहे थे। 16 मार्च, 2016 को उद्यान विभाग के कर्मचारी देवी सिंह ने थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि वह घर पर खाना खा रहा था और उसी दौरान रामवृक्ष यादव और वीरेश यादव अपने अन्य साथियों के साथ आए और उस पर हमला कर दिया था।
एफआईआर में वादी ने कहा था कि जिन लोगों ने उस पर हमला किया उसमें वो रामवृक्ष यादव और वीनेश उर्फ वीरेश को पहचानता है। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने चार्जशीट में इन दोनों को आरोपी नहीं बनाया।
पुलिस की जांच में योगेंद्र निवासी भैंसरौली बुलंदशहर, रामायण निवासी बंजारी सीधी मध्य प्रदेश, प्रेमपाल निवासी सेवा नवादा बरौली, राहुल निवासी भैयापुर बुलंदशहर, चरन सिंह बंदराहा कानपुर देहात, नवल किशोर हथौडा शाहजहांपुर, प्रिंस मैनेड़ा बिजनोर, राजेश कुमार निवासी अर्जुनपुरा फर्रुखाबाद के नाम सामने आए।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र नाथ की अदालत में हुई। अदालत ने आठों की जमानत मंजूर कर ली है। पचास हजार के बांड और दो-दो जमानती दाखिल करने की शर्त पर जमानत मंजूर की गई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि उद्यान विभाग कर्मचारी देवी सिंह ने थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।