कस्बे की बैंकों में भी सारा दिन भीड़ लगी रही। एटीएम भी खाली रहे। स्थिति यह थी कि लोग पैसे के लिए भटकते रहे। यहां परिक्रमा के लिए आए भक्तों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यहां भी भारतीय स्टेट बैंक में लोगों को पैसा नहीं मिल सका। लोगों का कहना था कि वह पिछले कई दिनों से कैश के लिए भटक रहे हैं मगर पैसा नहीं मिल पा रहा है। एक-एक पैसे के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। जब भी बैंक वालों से पूछो तो कह दिया जाता है कि कैश है ही नहीं। सुरीर की स्टेट बैंक में भी लोगों को पैसा नहीं मिल पा रहा था। यहां भी लोग परेशान रहे।
बाजना। बैंक में कनेक्टिविटी के कारण लोग परेशान रहे। पैसा ही नहीं मिल पा रहा था। नाराज लोगों ने कहा कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन किया जाएगा।
बैंकों में जमा हुए 2200 करोड़
मथुरा में बैंक की कुल 280 शाखाओं में अब तक 2200 करोड़ की धनराशि जमा हो चुकी है। शनिवार को बैंकों में लगभग 50 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा हुई। अब कारोबारी, उद्यमी अपनी रकम जमा करवा रहे है।
नोटबंदी के बाद बंद हो गए कारोबार
कर्ज मुक्ति संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट राम अरज यादव से मुलाकात कर नोटबंदी से हो रही परेशानियों से अवगत कराया। कहा कि कारोबार बंद हो गए हैं लेकिन माइक्रो फायनेंस कंपनियां महिलाओं पर ऋण अदायगी के लिए नाजायज दबाव बना रहे हैं। इस दबाव के कारण एक महिला का स्वर्गवास हो गया है। इस अवसर पर 9 दिसंबर को टैंक चौराहे से डीएम कार्यालय तक प्रदर्शन का भी निर्णय लिया गया। प्रतिनिधिमंडल में गफ्फार अब्बास, राधा चौधरी, पूजा, राजबाला, आरती देवी, राधा, भावना, मीरा आदि शामिल रहे।