मथुरा। आंधी के चलते देहात के ६० बिजलीघरों की दो घंटे तक बिजली बंद हो गई। इससे लोग काफी परेशान हो गए। शाम को ४:३० बजे आई बिजली के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार दोपहर २:३० बजे आंधी के चलते देहात के ६० बिजलीघरों से पोषित २८१ फीडर ठप हो गए। बिजली न मिलने से परेशान हो उठे लोगों ने बिजलीघरों पर फोन किए, पर किसी विद्युत निगम के अफसर के फोन नहीं उठे। इसके चलते विद्युत निगम की कार्यप्रणाली को हर कोई कोसता दिखा।
सन्नी ठाकुर का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। मौसम बदलते ही विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती है। विद्युत निगम के अफसर कार्य के प्रति कतई गंभीर नहीं हैं। ऐसे अफसरों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। रामकुमार का कहना है कि यहां लंबे समय से अफसर जमे हुए हैं। इन्हीं के कारण यहां की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से लड़खड़ा चुकी है।
३३ केवी लाइन पर पेड़ गिरने से शहर के ३ बिजलीघर ठप
आंधी के कारण गोकुल बैराज के पास ३३ केवी की लाइन पर पेड़ गिर जाने से शहर के तीन बिजलीघर कैंट, बंगालीघाट और औरंगाबाद की बिजली ठप हो गई। दोपहर ढाई बजे की गई बिजली शाम को ५:३० बजे दुरुस्त हो सकी। इसके कारण लोगों उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ा। एसडीओ कैंट संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि ३३ केवी लाइन गोकुल बैराज से कैंट के लिए आ रही है। उससे आपूर्ति बाधित हुई। समय रहते हुए उसे दुरुस्त कर लिया गया।
आंधी के कारण आपूर्ति बंद की गई थी। आंधी रुकने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। छोटे-छोटे फॉल्ट सही करने के चलते थोड़ा देरी हुई। देहात में आपूर्ति पूरी तरह से दुरुस्त है।
-एपी शुक्ला, एसपी शहरी खंड