पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी मंगलवार दोपहर तीन बजे मेडिकल स्टोर से नशीले इंजेक्शन इकट्ठे करके छुपाने के लिए ले जा रहा था, लेकिन इसी दौरान पुलिस ने उसे माल गोदाम रोड से रंगे हाथ दबोच लिया। उसके पास से 500 नशीले इंजेक्शन व 600 सिरिंज बरामद हुई हैं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके यहां पर दिल्ली और हिमाचल से नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई आती है। प्रत्येक सप्ताह एक लड़का उसके मेडिकल स्टोर पर माल देकर जाता है। सीओ आशना चौधरी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इधर, पुलिस नशीले इंजेक्शन सप्लाई करने वाले की तलाश में जुटी है।
ये इंजेक्शन हुए बरामद
100 इंजेक्शन डायजेपाम, 200 इंजेक्शन ब्यूप्रेनॉर्फिन हाइड्रोक्लोराइड और 200 इंजेक्शन फेनिरामाइन मैलिएट समेत 600 सिरिंज बरामद हुई हैं। औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने बताया कि डायजेपाम और ब्यूप्रेनॉर्फिन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन मेडिकल स्टोर पर सीमित मात्रा में रखने की अनुमति होती है। चिकित्सक के कहने पर ही इन इंजेक्शनों के उपयोग की अनुमति दी जाती है। अगर कोई बिना चिकित्सक की अनुमति के बिक्री करता है तो वह कानूनन गलत है।
पार्कों में बैठकर करते हैं बिक्री
मेडिकल स्टोरों के अलावा शहर में पार्कों और आबादी वाले क्षेत्रों में भी नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। प्रतिदिन शाम को थैला लेकर कुछ युवक पार्कों में बैठ जाते हैं और गांजा व अन्य नशीली सामग्री बचते हैं। सूत्रों की मानें तो डैंपियर नगर स्थित अहिल्याबाई पार्क में भी प्रतिदिन मादक पदार्थ बिक्री का ऐसा ही खेल चल रहा है।
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