जिले में 17 सरकारी डाक्टर बिना बताए ही नौकरी छोड़ गए, जबकि एक डाक्टर ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इन सभी डाक्टरों की तैनाती देहात अंचल के स्वास्थ्य केंद्रों पर है।
आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था परिवर्तन से जुड़े आरटीआई एक्टिविस्ट राम गुप्ता की ओर से मांगी गई सूचनाओं में ये जानकारी सीएमओ कार्यालय ने उपलब्ध कराई है।
सीएमओ कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचनाओं में अवगत कराया गया है कि बीते पांच सालाें में कुल 18 डाक्टर सरकारी नौकरी छोड़कर जा चुके हैं इनमें 17 डाक्टर देहात के स्वास्थ्य केंद्रों पर अपने तैनाती स्थल से बिना बताए ही गायब हैं।
जबकि एक डाक्टर ने अपना इस्तीफा सीएमओ कार्यालय को दिया है। गायब सभी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशालय को लिखा गया है।
ये डॉक्टर हैं नदारद
मोना आसनानी बरसाना, विवेक अस्थाना राल, जयप्रकाश नगला संजा, नरेश गुलवानी नीमगांव, पवन वर्मा वृंदावन, प्रेममोहन झा नौहझील, विनोद चाहर मिठ्ठौली, नितिन चाहर सुरीर, अभिलाषा सिंह राल, लक्ष्य कुमार चौमुंहा, अमित दायमा सौंख खेड़ा, मनोज कुमार शर्मा चौमुंहा, जतिन उकरानी चौमुंहा, नेहा शर्मा राल, रश्मि गुप्ता राल, ललितेश कुमार सौंख खेड़ा, सुरेंद्र सिंह गोवर्धन (इस्तीफा दिया), राहुल मित्तल राल स्वास्थ्य केंद्र।