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Mathura News: गोवंश के मांस की पुष्टि के बाद कार्रवाई में देरी पर नाराजगी

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नौहझील। पिछले माह 19 जून को यमुना पुल के पास से गौरक्षा दल शेरगढ़ के अध्यक्ष बांके बिहारी व उनकी टीम द्वारा पकड़े गए संदिग्ध मांस मामले में लैब रिपोर्ट में गौवंश के मांस की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई में देरी को लेकर गौरक्षकों और हिंदू संगठनों में आक्रोश है। आरोप है कि रिपोर्ट आए 10 दिन से अधिक का समय बीतने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।
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सीओ अमरनाथ यादव ने बताया कि लैब रिपोर्ट में बरामद मांस गौवंश का पाया गया है। इसके बाद मुकदमे में संगीन धाराएं बढ़ाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बांके बिहारी का आरोप है कि पकड़ा गया आरोपी कोसीकलां निवासी राजा उर्फ राजुद्दीन पूछताछ में मांस सप्लाई नेटवर्क और नौहझील क्षेत्र के तीन युवकों के नाम बता चुका था, लेकिन पुलिस ने अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। हिंदू संगठनों ने शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

- किसी कीमत पर नहीं बख्शे जाएंगे दोषी-विधायक
- क्षेत्रीय विधायक राजेश चौधरी ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों द्वारा घटना की जानकारी दी गई है। जानकारी करने पर पता चला है कि जांच रिपोर्ट में गौवंश का मांस आया है। झाड़ी वाले हनुमानजी की पवित्र भूमि पर किसी भी कीमत पर न तो गौवंश को कटने दिया जाएगा और न ही उसका मीट बिकने दिया जाएगा। पुलिस स्तर पर लापरवाही या सांठगांठ पाई जाती है, तो शिकायत उच्चाधिकारियों से कर कार्रवाई कराई जाएगी।
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- कहां कट रहा गोवंश और कौन-कौन हैं शामिल
- गौवंश के मांस की पुष्टि होने के बाद बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्षेत्र में गौवंश का कटान कहां किया जा रहा है। गौरक्षकों का आरोप है कि कोसीकलां से नौहझील और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध कटान का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। आरोपी राजा ने पूछताछ में जिन तीन स्थानीय युवकों के नाम उगले थे, वे सिर्फ एक कड़ी मात्र हैं। हिंदू संगठनों ने मांग की है कि पुलिस केवल ई-रिक्शा चालक पर खानापूर्ति न करे, बल्कि इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचे।
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