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Mathura News: बिहारीजी के दर्शन के लिए उमड़े भक्त, बालिका की तबीयत बिगड़ी

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मथुरा। बांकेबिहारी मंदिर में बिगड़ी बालिका की तबीयत। - फोटो : mathura
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वृंदावन (मथुरा)। बैकुंठ एकादशी पर शुक्रवार को एक बार फिर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भक्तों का तांता लग गया। सुबह से ही मंदिर के द्वार से विद्यापीठ चौराहा तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर और गलियों में भीड़ का दबाव बन रहा। इस बीच मंदिर के द्वार पर एक बालिका की तबीयत खराब हो गई। मंदिर में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उपचार दिया तब जाकर उसकी हालत में सुधार हो सका। वहीं श्रद्धालुओं ने नगर की पंचकोसीय परिक्रमा भी लगाई।
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सुबह से ही बांकेबिहारी मंदिर में आराध्य के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर के प्रवेश द्वार तीन से पांच सौ मीटर दूर विद्यापीठ चौराहा तक कतार लगी रही। वहीं प्रवेश द्वार दो से लेकर दाऊजी तिराहा से आगे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। दूर तक सिर ही सिर नजर आ रहे थे। भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की के बीच श्रद्धालुओं ने आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन किए।
एकादशी होने पर भी पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के कोई इंतजाम नहीं किए। बाजार में लगी रेलिंग भी हटा ली गई। भीड़ के दबाव के बीच दिल्ली निवासी 12 वर्षीय निशा की गेट संख्या चार पर तबीयत बिगड़ गई। उसे घबराहट के साथ चक्कर आ गए। बालिका के पिता विनय ने उसे सुरक्षा गार्ड की मदद से भीड़ के बीच से निकाला और मंदिर में मौजूद डॉक्टरों की टीम के पास ले गए। वहां मौजूद डाॅक्टर धारा ने बालिका को प्राथमिक उपचार किया।
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भीड़ के बीच में सर्वाधिक परेशानी बुजुर्ग, महिला एवं छोटे बच्चों को हुई। बांकेबिहारी मंदिर में तैनात चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर धारा ने बताया कि भीड़ के दबाव के कारण कुछ बच्चे और बड़ों को डिजीनेस वर्टिगो की शिकायत हो जाती है। ऐसे में उन्हें भीड़ से निकालकर प्राथमिक उपचार मिलने पर वह ठीक हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सुझाव दिया कि वह मंदिर में भीड़ के समय छोटे बच्चे, बुजुर्ग, दिव्यांग एवं बीमार को साथ न लाएं।

कलान में मृतक तांगा चालक राजाराम के घर बैठे शोकाकुल घरवाले और पड़ोस की महिलाएं। संवाद- फोटो : स्त्रोत- संगठन

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