मथुरा। पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करते हुए कथावाचक देवकीनंदन महाराज।
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वृंदावन। यदि समाज और अपने परिवारों को बचाना है तो हमें पुनः अपने धर्म, शास्त्र, संस्कृति और सनातन परंपराओं की ओर लौटना होगा। जब तक सनातनी घरों में भगवद्गीता, रामायण, शिव महापुराण और भागवत कथा का पाठ नहीं होगा तब तक परिवारों में स्थिरता और प्रेम नहीं आएगा। उक्त विचार कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने शिवमहापुराण कथा के बीच व्यक्त किए।
शनिवार को छटीकरा मार्ग स्थित ठा. श्री प्रियाकांतजू मंदिर में भक्तों को महाशिवपुराण कथा का श्रवण कराते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि भोलेनाथ को भक्त सहज और सरलता से प्रसन्न कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर अपने ही घर से ले जाकर जल चढ़ाना चाहिए, क्योंकि जब हम अपने घर का जल चढ़ाते हैं तो उसमें हमारे घर की ऊर्जा, भावना और प्रेम समाहित होता है।
इससे पूर्व प्रातः बेला में हजारों शिवभक्तों ने दूसरे दिन ब्रज की माटी से 1 लाख 51 हजार पार्थिव शिवलिंग बनाए। विद्वान विप्रों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच सभी पार्थिव शिवलिंगों का पंचामृत, बेलपत्र आदि से अभिषेक कराया गया। अभिषेक पश्चात शिवलिंगों को यमुना में विसर्जित किया गया। नरेश कुमार ऐरन, अशोक कुमार गुप्ता, सुरेश गोयल, सतीश गर्ग, कामनी मिश्रा, सुधीर वर्मा, मीरा देवी, आदित्य गर्ग आदि ने व्यासपीठ की आरती उतार कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
हिंदू होकर गोमांस खाते हैं पड़ोसी, मेरा भी धर्म नष्ट कराया
वृंदावन। कथावाचक देवकीनंदन महाराज की कथा में शुक्रवार को लखीमपुर की एक युवती ने अपने गांव के ही रहने वाले कुछ लोगों पर गोमांस खिलाने का आरोप लगाया। उसने यह भी कहा कि वे लोग तंत्र-मंत्र तक कराते हैं। गुरुजी आप हमें अपनी शरण में ले लीजिए। कथावाचक से इतनी बात कहने के बाद युवती रोने लगी और कहा कि हिंदू होकर वह लोग गोमांस खाते हैं और मेरा भी धर्म नष्ट करा दिया। कथावाचक ने इस मामले में शासन प्रशासन को एक्स के माध्यम से जानकारी दी तो लखीमपुर खीरी तक हल्ला मच गया। वहां पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि युवती के परिजन का अपने चचेरे भाई के परिवार से संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा है। वह चचेरी भाभी के खिलाफ आरोप लगा रही है। इस मामले में जांच की जा रही है। युवती और उसके परिजन लखीमपुर पहुंचेंगे तो उसके आगे की जांच कर कार्रवाई होगी। संवाद