मथुरा। राम कथा में पधारे विधायक बालक नाथ बापू से आशीर्वाद लेते हुए।
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बरसाना (मथुरा)। माताजी गोशाला में आनंदमयी क्षण तब उत्पन्न हो गया, जब कथा प्रवक्ता मोरारी बापू ने प्रभु श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाया। भये प्रकट कृपाला, दीन दयाला भजन पर पंडाल गूंज उठा। भक्त भावविभोर होकर नाचने लगे।
नौ दिवसीय रामकथा में शुक्रवार को बापू ने कहा कि प्रभु के प्रकट होते ही अयोध्यापुरी उत्सव में डूब गई। नगर दीपमालिका से झिलमिला उठा। देवगण आकाश से पुष्पवर्षा करने लगे और मनुष्य आनंद से विभोर हो गए। बापू ने पार्वती और भगवान शिव के संवाद, शिवजी द्वारा रामकथा का वाचन और महाराज दशरथ के पुत्रकामेष्टि यज्ञ जैसे प्रसंगों को सुनाया। बापू ने गो सूक्त का रहस्य खोलते हुए कहा कि गो माता ही घर-आंगन में कल्याण का प्रवेश कराती हैं। उन्होंने कहा माता के पांच स्वरूप हैं गौरी, गीता, गायत्री, गंगा और गाय। इन पंचमाता की कृपा से जीवन धन्य हो जाता है, धर्म शक्तिशाली हो जाता है और लोक-परलोक दोनों का कल्याण होता है।
कथा में बनारस के जगद्गुरु सतुआ महाराज, चंपारण्य वल्लभ पीठ से द्वारकेश लाल, आरएसएस के पूर्व सर कार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी, अखिल भारतीय गो सेवा संयोजक अजीत महापात्रा, नवल, आरएसएस के क्षेत्र सह संपर्क प्रमुख डॉ. हरीश, ब्रज प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र, विभाग प्रचारक पारस, क्षेत्र गो सेवा संयोजक हरिशंकर, तिजारा के विधायक संत बालकनाथ आदि मौजूद रहे।