मथुरा। दिल्ली-आगरा रेलमार्ग पर स्थित छाता स्टेशन पर रेलवे की ओर से सुविधाओं में विस्तार किया गया लेकिन कोरोना काल से बंद पड़ीं ट्रेनों का ठहराव आज तक नही हुआ। यह हाल तब है जब ट्रेनों के ठहराव को लेकर लोग कई बार सांसद व डीआरएम से मुलाकात कर अपनी समस्या बता चुके हैं।
दैनिक यात्री संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार आर्य ने बताया कि छाता रेलवे स्टेशन से दर्जनों गांवों के हजारों यात्री जुड़े हैं। यहां पर ट्रेनों के ठहराव का अभाव है। वह महाकौशल एक्सप्रेस, पंजाब मेल के ठहराव शुरू कराने, कोसीकलां गाजियाबाद ईएमयू को छाता से बनाकर चलाए जाने की मांग सांसद व डीआरएम से कर चुके हैं। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं। रामबाबू जादौन ने बताया कि कोरोना काल से पहले छाता रेलवे स्टेशन पर फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस, तूफान एक्सप्रेस, दिल्ली-आगरा पैसेंजर, कोसी-आगरा राधारानी शटल ठहराव था लेकिन कोरोना काल लग जाने के कारण ट्रेनें बंद कर दी गईं। इसके बाद अभी तक ये ट्रेन नहीं चलीं।
सतीश चंद, नरदेव सिंह, भीकचंद, ब्रिजेश, सुनील, राजकुमार, रनवीर चौधरी आदि ने कोरोना काल से बंद पड़ीं ट्रेनों के ठहराव की मांग की है। ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके।