मथुरा। कोसीकलां स्थित जैन मंदिर में अभिषेक करते श्रद्धालु।
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कोसीकलां (मथुरा)। जैन धर्म के अनुयायियों के 10 दिवसीय दशलक्षण पर्व बृहस्पतिवार से शुरू हो गए। मंदिरों में भोर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। पहला दिन उत्तम क्षमा धर्म के रूप में मनाया गया।
जैन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पूजन-पाठ किया। देर शाम तक मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे। जिनालय अहिंसा परमो धर्म के जयकारों से गूंज उठे। दशलक्षण पर्व के पहले दिन नगर के जैन मंदिरों को सजाया गया। सुबह पांडे वाले जैन मंदिर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर श्री 1008 महावीर भगवान की मूर्ति का अभिषेक, शांतिधारा पूजन किया गया। नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पूजा की। इंद्र-इंद्राणी बने जैन समाज के महिला-पुरुष व बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
शाम को आरती एवं भजन संध्या हुई। जैन विद्वान संस्कार शास्त्री ने उत्तम क्षमा का अर्थ बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को उत्तम धर्म को अपनाना है तो अपने अंदर के द्वेष, क्रोध, लोभ, मान को त्यागना होगा। पूर्व अध्यक्ष सुभाष जैन ने कहा कि भाद्रपद माह के अंतिम 10 दिनों में दशलक्षण पर्व मनाया जाता है। कैलाश चंदौरिया, राजेंद्र जैन, ऋषभ जैन, सोमराज जैन, नवीन जैन, प्रवीन जैन, नितिन जैन, विजय जैन, राहुल जैन कामियां, अशोक कामियां आदि मौजूद रहे।