पुलिस ने सोमवार देर शाम दो दिन पहले जिला कारागार से लेकर हाइवे तक हुई गैंगवार का खुलासा कर दिया। खुलासे की जानकारी देते हुए आईजी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि राजेश शर्मा उर्फ टोंटा को मारने के लिए जेल में बंद ब्रजेश मावी के साथी दीपक वर्मा को 15 लाख की सुपारी दी गई थी।
जेल में हत्या में विफल रहने पर मावी गैंग के पांच बदमाशों ने टोंटा को थाना फरह क्षेत्र में हाईवे पर गोलियों से भून दिया। पुलिस ने हत्या में शामिल गोपाल यादव और कारागार में पिस्टल पहुंचाने वाले जेल आरक्षी कैलाश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
कैलाश के पास से पिस्टल पहुंचाने की एवज में ली गई 20 हजार रुपये की रिश्वत को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। वारदात के दौरान एंबुलेंस में मौजूद रहे सिपाही संतोष सिंह को लापरवाही पर बर्खास्त कर दिया गया है।
आईजी ने बताया कि पूरी घटना की साजिश गोपाल यादव निवासी बंगाली घाट व राकेश चौधरी निवासी गांव पानीगांव थाना यमुनापार ने ब्रजेश मावी की पत्नी के साथ मिलकर रची और इन्होंने ही सुपारी तय की। दीपक वर्मा को जेल में एक रिवाल्वर, एक पिस्टल, 1.10 लाख रुपये व रिवाल्वर के तेल की सीसी भेजने का इंतजाम किया। राकेश चौधरी ने इसके लिए बुलंदशहर निवासी कैलाश गुप्ता को तैयार किया और उसे 10 जनवरी को कलक्ट्रेट स्थित पेट्रोल पंप पर नकदी व रिवाल्वर दी गई।
चार पांच दिन बाद कैलाश गुप्ता ने 20 हजार रुपये अपने लिए निकाल लिए और 90 हजार रुपये व दोनों हथियार जेल में दीपक वर्मा के पास पहुंचा दिए। उन्होंने बताया कि इस घटना को अंजाम देने के लिए ब्रजेश की पत्नी व गोपाल यादव ने कई बार जेल में व पेशी के दौरान दीपक वर्मा से मुलाकात की। 17 जनवरी को दीपक वर्मा की आगरा में पेशी के दौरान भी राकेश चौधरी व गोपाल यादव उससे मिले। जेल में घटना के वक्त भी दोनों जेल के बाहर ही रहे। गोलियों की आवाज सुनने के बाद वहां से गए।
बाद में अपने अन्य लोगों के जरिए जिला अस्पताल में एक एक पल की जानकारी लेते रहे। 5:30 बजे जब पता चला कि राजेश टोंटा को आगरा ले जाया जाएगा तो उन्होंने उसे रास्ते में मारने का निर्णय लिया। उन्होंने आई:20 कार का इंतजाम किया। इसमें गोपाल यादव, राकेश चौधरी, रामकुमार मेरठ, नदीम गाजियाबाद सहित पांच लोगों ने टाउनशिप पर पोजीशन ली। राजेश टोंटा की एंबुलेंस को फरह क्षेत्र में टोल से पहले ओवरटेक रोक लिया और रुकते ही उसमें लेटे राजेश टोंटा को तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी।
वार्ता के दौरान डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसटीएफ के एडिशनल एसपी राजेश कुमार सिंह, व शैलेंद्र श्रीवास्तव, एसएसपी मंजिल सैनी व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि 17 जनवरी को जेल में हुई गैंगवार में आगरा निवासी बंदी अक्षय सोलंकी की गोली लगने से मौत हो गई थी। राजेश टोंटा और उसका रिश्तेदार राजकुमार शर्मा घायल हो गए थे। बाद में टोंटा की भी आगरा ले जाते समय रास्ते में हत्या कर दी गई।