भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के डिपो मैनेजर आशीष गुप्ता पर फायरिंग करोड़ों के ठेके के लिए चलाई गईं थीं। हमलावरों का मकसद उन्हें नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि डराना था ताकि मनमाफिक ठेका मिल सके। साजिश चार ठेकेदारों ने मिलकर रची थी। शनिवार को पुलिस ने इस संबंध में खुलासा किया।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गांव पैंठा के समीप से हमलावर बच्चू सिंह निवासी पीलुआ, सादिकपुर (फरह) को पकड़ा गया है। जबकि एक अन्य हमलावर सुरजन उर्फ रिंकू निवासी बलरई थाना फरह फरार है।
इसके अलावा षड्यंत्र रचने वाले सत्यवीर निवासी धर्मपुरा, लाल सिंह निवासी छड़गांव, श्यामवीर निवासी छड़गांव थाना रिफाइनरी, गंगा ठेकेदार निवासी बंबूरी, थाना रिफाइनरी हैं।
एसएसपी ने बताया कि ठेकेदारी के वर्चस्व में डराने-धमकाने के लिए छह अक्तूबर को बीपीसीएल डिपो मैनेजर पर हमला किया गया। जिस गाड़ी में प्रबंधक सवार थे, वह षड्यंत्रकारी सत्यवीर की थी। वार्ता में एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी, सीओ रिफाइनरी आइपीएस अनुपम सिंह भी मौजूद रहे।
12 हिरासत में, पूछताछ बाद छोड़े
प्रबंधक पर जानलेवा हमला प्रथम दृष्टया तेल चोरी के संदर्भ में देखा गया। इसके चलते फरह, रिफाइनरी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने 35 लोगों को चिह्नित किया। इसमें से 12 को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पूछताछ के बाद मामला ठेकेदारी में वर्चस्व की जंग का सामने आया।
ठेकेदारी में वर्चस्व की लड़ाई
बीपीसीएल डिपो में सिक्योरिटी, किचन और गाड़ियों के संचालन के लिए ठेकेदारों में वर्चस्व की लड़ाई होती है। इसी लड़ाई के चलते प्रबंधक पर हमला भी किया गया। अब एचपीसीएल-बीपीसीएल के मध्य जल्द ही एक अस्थायी चौकी बनाई जाएगी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि चौकी के बनने से चोरी की वारदातों पर लगाम लगेगी, वहीं तेल चोरों पर भी अंकुश लगेगा।