मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। ईदगाह परिसर के भौगोलिक सर्वे कराने पर की गई सुनवाई का फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। अब कोर्ट ने मामले में अगली तारीख तय की है।
उत्तर प्रदेश की तीर्थनगरी मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण बुधवार को सुनवाई हुई। पक्षकार एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी के वाद में एडीजे षष्टम की अदालत ने सुनवाई के बिंदु पर आदेश रिजर्व कर लिया है। अब अदालत ने सुनवाई के लिए 20 मार्च की तारीख तय की है।
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सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने पक्षकार महेन्द्र प्रताप सिंह के वाद में आदेश सात नियम 11 पर सुनवाई का आदेश किया था। इसके खिलाफ पक्षकार ने जिला जज की अदालत में अपील की। इस अपील पर एडीजे षष्टम की अदालत में सुन्नी सेंटल वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता जीपी निगम हाजिर हुए। उनके द्वारा अदालत में बहस की गई। इसका जबाव पक्षकार एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह तथा अधिवक्ता राज कुमार अग्रवल ने दिया।
दोनों पक्षों को अपने हक में फैसला आने की उम्मीद
दोनों की बहस पूरी होने पर अदालत ने आदेश रिजर्व कर 20 मार्च की तारीख तय कर दी है। पक्षकार महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें उम्मीद है अदालत पहले ईदगाह के अमीन रिपोर्ट संबंधी बिंदु पर सनवाई का आदेश करेगी। जबकि प्रविदी ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि सुनवाई के बिंदु पर निर्णय के उनके पक्ष में आने की उम्मीद है।
यह है पूरा मामला
ज्ञात हो कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने ईदगाह का सर्वे कराए जाने को लेकर सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में वाद दाखिल किया था। महेंद्र प्रताप ने याचिका में कहा कि कुछ लोग गुपचुप तरीके से ईदगाह परिसर का विस्तार कर रहे हैं। साथ ही पुराने साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी अमीन की मदद से परिसर का भौगोलिक सर्वे कराए जाने की मांग की। ताकि सबूतों को सुरक्षित रखा जा सके।