मथुरा। कोसीकलां क्षेत्र में कंपनी को चलाने के लिए 4 लाख रुपये की चौथ मांगने और न देने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बढ़ते पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी।
10 जुलाई 2026 को नबीपुर निवासी अनिल पांडेय ने पलवल के अलालपुर रोड रेलवे फाटक एवं हाल छाता के लाडपुर निवासी सोनू अडाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी में उन्होंने कहा कि वह एक प्राइवेट कंपनी में डायरेक्टर हैं। सोनू अडाना उर्फ सोनू सिंह पटेल कंपनी के अधिकारी विजय सिंह को फोन करके 4 लाख रुपये की चौथ मांगता है। 9 जुलाई को विजय सिंह को कंपनी के गेट पर अपने साथियों के साथ रोक लिया। आरोप है कि सोनू ने असलहा दिखाकर उनसे चौथ मांगी और न देने पर हत्या की धमकी दी।
साथ ही कहा कि यदि चौथ नहीं मिली तो वह उद्योग बंद करा देगा। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर सोनू अडाना की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया। इसके चलते आरोपी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। आरोपी के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताते हुए जमानत दिलाने का प्रयास किया, लेकिन डीजीसी क्राइम की दलील, पुलिस रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जिला जज विकास कुमार ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।