मथुरा। रेलवे का ध्येय वाक्य है सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन। एक महिला आरक्षी इन तीनों पर ही खरी उतरीं तो रेलवे ने उन्हें मार्च माह का सर्वश्रेष्ठ आरक्षी के पुरस्कार से नवाजा है। महिला आरक्षी ने रेलवे में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की न केवल सुरक्षित डिलीवरी करवाई, वरन जच्चा और बच्चा दोनों सही हैं।
आगरा, प्रयागराज और झांसी मंडल में चयनित आरपीएफ की महिला आरक्षी ने बहादुरी की मार्च माह की सर्वश्रेष्ठ कहानी लिख दी। रेखा को प्रयागराज आरपीएफ महानिरीक्षक अमिय नंदन सिन्हा ने सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी घोषित करते हुए पुरस्कृत किया। 6 मार्च को गीता जयंती एक्सप्रेस में कुरुक्षेत्र से खजुराहो तक सामान्य कोच में एक महिला यात्री सफर कर रही थी।
इस दौरान महिला के प्रसव पीड़ा हुई। ट्रेन रात 8 बजे के करीब कोसीकलां स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई। महिला आरक्षी रेखा प्लेटफार्म 5 पर पहुंचीं और डॉक्टर व नर्स न होने पर स्वयं महिला यात्री की डिलीवरी कराई। इसके बाद सीएचसी कोसीकलां में भर्ती कराया। यहां से जच्चा-बच्चा सकुशल कुरुक्षेत्र रवाना हो गए।