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Mathura News: बंद कमरे में गुटबाजी से रूबरू हुई कांग्रेस की जांच कमेटी

Fri, 02 Jun 2023 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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- त्रिसदस्यीय जांच कमेटी ने दोनों गुटों के बयान लिए
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- शाम तक सुनते रहे शिकायत, हाईकमान को सौंपेगे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में गठित कांग्रेस की जांच समिति ने बृहस्पतिवार को बंद कमरे में बैठक कर गुटबाजी में फंसे पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बैठक के दौरान देर शाम तक एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। निकाय चुनाव में पार्टी में हुए विवाद की सच्चाई जानने के लिए टीम पहुंची थी।
निकाय चुनाव में महापौर पद पर दो प्रत्याशियों के उतरने और पार्षदों की टिकट वितरण में पार्टी सिंबल की खरीद-फरोख्त करने संबंधी शिकायतों की जांच के लिए पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित प्रदेश महामंत्री डाॅ. संजीव शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह पहुंचे। टीम दोपहर करीब एक बजे नेशनल चैंबर्स ऑफ कामर्स के भवन में पहुंची और बंद कमरे में अलग-अलग गुटों के प्रतिनिधियों के बयान लिए गए। इस दौरान महापौर के लिए पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़े श्याम सुंदर उपाध्याय बिट्टू गुट के समर्थक भी पहुंचे। टीम के सामने अपनी बात रखने वालों में जिला प्रभारी योगेश तालान, जिलाध्यक्ष भगवान सिंह वर्मा, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा , पूर्व सीएलपी लीडर प्रदीप माथुर, एआईसीसी सदस्य महेश पाठक, महापौर प्रत्याशी पूर्व विधायक राजकुमार रावत, मुकेश धनगर के अलावा अशोक सिंह चकलेश्वर, मास्टर प्रताप सिंह, अजय शर्मा, पूर्व पार्षद उमेश भारद्वाज, विनोद शर्मा के अलावा करीब सौ कांग्रेसी मौजूद रहे।
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लिखकर दी शिकायतें, रिकाॅर्डिंग भी हुई
पार्टी के कई गुटों ने एक दूसरे के खिलाफ लिखकर भी शिकायतें सौंपीं हैं और जिन लोगों ने मौखिक शिकायत की उनको रिकाॅर्ड किया गया है ताकि उनके बयान आगे की जांच का हिस्सा बन सकें।
गुटों की तनातनी देख कमरे में गई जांच टीम
जांच टीम के लिए पहले स्टेज पर ही कुर्सियां लगाई गईं थीं परंतु तनातनी की आशंका भांपकर टीम ने बंद कमरे में कांग्रेसियों के बयान लिए। इसके कुछ देर बाद ही अपना पक्ष रखने के लिए कांग्रेसी पहुंंच गए, जिनको इसकी सूचना तक नहीं दी गई थी।
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यही जांच करने तो आए हैं: सिद्दीकी
जांच टीम का नेतृत्व कर रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी से जब पत्रकारों ने पूछा कि पार्टी में निकाय चुनाव के समय गुटबाजी की स्थिति कैसे बनी तब उन्होंने जवाब दिया कि बेह यही जांच करने तो आए हैं कि निकाय चुनाव में महापौर और पार्षदों की टिकट में गडबड़ी कैसे हुई। इसके क्या कारण रहे। हम सभी से अलग-अलग बात कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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