मथुरा। जिला कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते जिलाध्यक्ष व अन्य।
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मथुरा। कांग्रेसियों ने जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि लचर सिस्टम से महिलाएं और अनुसूचित जाति के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार की जीरो टोलरेंस नीति फेल साबित हो रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शनिवार को जिला कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि योगी सरकार के आठ वर्ष के शासनकाल में प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इसकी गवाही एनसीआरबी के आंकड़े दे रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में हो रहे अपराधों में 15 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में होते हैं। प्रदेश का शायद ही कोई जनपद होगा जहां आए दिन कोई अपराध न होता हो। अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की बरातों पर हमला, उन्हें घोड़ी पर न चढ़ने देना और तो और अब दबंग उन्हें अपने इलाकों से निकलने देना भी नहीं चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि शर्मनाक स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री जाति और धर्म देखकर अपराधियों की पहचान करते हैं। जिले में जनवरी से 30 अगस्त तक हत्या की 42 वारदात हो चुकी हैं। सबसे अधिक हत्या की वारदात कोसी और छाता क्षेत्र में हुई हैं, जो कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण का विधानसभा क्षेत्र भी है। पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि, उमाशंकर शर्मा, मनोज गौड़, अप्रतिम सक्सेना, महेश चौबे, रमेश कश्यप, शैलेंद्र चौधरी, प्रेम शंकर शर्मा, मोहित चौधरी आदि मौजूद थे।