नंदगांव। विश्व प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर के नंदनवन में फाल्गुन मास के शुभारंभ के साथ ही प्रतिदिन समाज गायन की मधुर परंपरा पूरे उल्लास के साथ निभाई जा रही है। वसंत ऋतु की समाज के उपरांत अब संध्या समय नंदनवन में परंपरागत होरी–धमार गायन की गूंज सुनाई देने लगी है, जिससे ब्रज की होली अपने चरम रंग में पहुंचने लगी है।
वसंत पंचमी से शयन आरती के अवसर पर गोस्वामीजनों द्वारा नियमित रूप से समाज गायन किया जा रहा था। पूर्णिमा के बाद पड़वा से फाल्गुन लगते ही नंदनवन में धमारों का क्रम आरंभ हो गया है। गोस्वामी समाज के मुखिया विजन मास्टर ने बताया कि इन संध्याओं में बसंती रंग में बोर दे रे पिया रंगरेजवा, मेरी चूनर में पड़ गयो दाग री जैसे पारंपरिक धमार समाज गायन में गाए जा रहे हैं, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं।
रविवार को नंदनवन में प्रतिदिन की भांति श्री विग्रहों को अबीर–गुलाल अर्पित कर होली खिलाई गई। ढप, मृदंग, झांझ और मंजीरा की मधुर ताल पर रसिक कवियों के पद खेलत फाग परस्पर हिलमिल और ब्रज में कैसी धूम मचाई गूंजते ही वातावरण भक्तिमय आनंद से भर उठता है।
फाल्गुन के आगमन के साथ ही नंदगांव–बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। नंदनवन में रोजाना हो रहे समाज गायन की गूंज से मंदिर परिसर गुंजायमान है और श्रद्धालु ब्रज की इस अनूठी परंपरा का साक्षी बनकर आनंद में डूबे नजर आ रहे हैं। बरसाना में 25 फरवरी तथा नंदगांव में 26 फरवरी को लठामार होली का आयोजन किया जाएगा।