कमिश्नर अलीगढ़ चंद्रकांत ने जवाहर बाग हिंसा की जांच शुरू कर दी है। रविवार को उन्होंने मथुरा पहुंचकर अफसरों से घटना की जानकारी ली। उसके बाद वह अस्पताल में भर्ती घायल पुलिस कर्मियों से मिले और उनके बयान दर्ज किए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें बताया कि कब्जाधारी पेड़ों पर चढ़े थे और अचानक हमला कर दिया।
जवाहर बाग हिंसा में एसपी सिटी और एसओ शहीद हो गए थे। प्रकरण में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। शासन ने पूरे मामले की जांच कमिश्नर अलीगढ़ चंद्रकांत को सौंपी है। रविवार को वह मथुरा पहुंचे और पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अफसरों के साथ मीटिंग कर घटना के बारे में जानकारी ली।
आपरेशन में शामिल रहे अधिकारियों से भी बात की गई। इसके बाद कमिश्नर अस्पताल पहुंचे और घायलों के बयान लिए। सिपाहियों से घटना के बारे में पूछा गया। सिपाहियों ने बताया कि वह गेट के भीतर घुसे ही थे कि अचानक पेड़ों पर बैठे लोगों ने हमला कर दिया।
वह हथियारों से लैस थे। किसी के पास तमंचा था तो किसी के पास फरसा और तलवार। इन लोगों ने फोर्स को टारगेट बनाकर हमला किया। उस वक्त कब्जाधारी ज्यादा थे और फोर्स कम। कमिश्नर ने बताया कि अभी तो उनका पहला दिन है। कुछ लोगों से बात की गई है। जल्द ही रिपोर्ट को पूरा करने के बाद शासन को भेज दिया जाएगा।