मथुरा। बरसात के आने से पहले ही सिंचाई विभाग ने जनपद के दो दर्जन नालों की सफाई कराई है। नालों की सफाई होने से जनपद के कस्बों में होने वाले जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
जनपद के फरह, छाता और गोवर्धन आदि कस्बों और नगर पंचायत क्षेत्र के नालों की सफाई कराई गई है। सिंचाई विभाग के मुताबिक जनपद में छोटे बड़े कुल 100 नाले हैं, इनकी कुल लंबाई 610 किलोमीटर है। इनमें से 24 बड़े नालों की पूरी तली झाड़ सफाई कराई है। लगभग 225 किलोमीटर के क्षेत्र में नालों की सफाई कराई गई है। इन नालों की सफाई में कुल 1.30 करोड़ रुपये की लागत आई है। विभाग ने रिकॉर्ड समय में लगभग 225 किलोमीटर लंबे ड्रेनेज नेटवर्क को पूरी तरह साफ कर दिया है।
हंसगंज सहित तीन स्थानों में तैयार किए गए फ्लड
विश्राम घाट के ठीक सामने, यमुना नदी के दूसरे छोर पर बसे हंसगंज क्षेत्र को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित कर लिया गया है। विभाग ने हंसगंज के 700 मीटर के दायरे में मजबूत पत्थर की ठोकरें लगाई हैं। इसके साथ ही मांट में दो स्थानों पर और छाता में एक स्थान पर कटान को रोकने के लिए फ्लड बनाए गए हैं। तकनीकी प्रयास से नदी के तेज बहाव का रुख आबादी की तरफ नहीं मुड़ेगा, जिससे बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से रुकेगा।
इस बार बड़े नालों को साफ कराया गया है। इसके साथ ही यमुना नदी में कटान को रोकने के इंतजाम भी किए गए हैं।
नवीन कुमार, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग